कोळदुर्ग के धबधबे में 100 फुट का वॉटरफॉल रैपलिंग, सांगली के युवाओं का साहसी उपक्रम
तासगांव-सांगली के 'दुर्गम सह्याद्री' ट्रेकर्स ग्रुप के युवा कोळदुर्ग किले के पास शुक्राचारी गांव के धबधबे में करीब 100 फुट का वॉटरफॉल रैपलिंग कर रहे हैं।
सह्याद्री की पहाड़ियों में किलों की सैर के साथ साहसी उपक्रमों का शौक रखने वाले युवाओं के लिए कोळदुर्ग किले का इलाका इन दिनों खिंचाव का केंद्र बन गया है। वजह है यहां का वॉटरफॉल रैपलिंग। तासगांव-सांगली के 'दुर्गम सह्याद्री' ट्रेकर्स ग्रुप के युवा शुक्राचारी गांव के पास के धबधबे में करीब 100 फुट गहरा रैपलिंग कर रहे हैं।
कोळदुर्ग किला तासगांव और खानापूर तालुका की सीमा पर है। बारिश के मौसम में यह किला हरियाली से भर जाता है। इसी समय किले के इलाके का धबधबा लोगों को खींचता है, और उसी जगह रस्सी की मदद से कड़ा उतरने का रोमांचक अनुभव लिया जा रहा है। धबधबे की धार के बीच से नीचे उतरते हुए युवाओं को ट्रेकिंग के साथ रैपलिंग के साहस का मज़ा भी मिल रहा है।
रैपलिंग जैसे साहसी खेल में सिर्फ हिम्मत काफी नहीं होती। सही ट्रेनिंग, शारीरिक फिटनेस और सुरक्षा उपकरणों का इस्तेमाल भी उतना ही ज़रूरी है। इस उपक्रम में हेल्मेट, हार्नेस और सुरक्षा रस्सी का इस्तेमाल किया जा रहा है। एक्सपर्ट गाइड्स की देखरेख में यहां रस्सियों के सहारे धबधबे पर चढ़ा और उतरा जाता है, जिसे रैपलिंग कहा जाता है। इसीलिए सुरक्षा के नियमों को खास अहमियत दी जा रही है।
सह्याद्री के किले, घाटवाटा और धबधबों की सैर करने वाले युवाओं में ऐसे साहसी उपक्रमों को लेकर दिन-ब-दिन उत्सुकता बढ़ रही है। कोळदुर्ग जैसी कम जानी-पहचानी और 'Untouched From Human Life' जगहों को पर्यावरण के अनुकूल साहसी पर्यटन के नज़रिए से देखने का मौका भी बन रहा है।
रैपलिंग एक साहसी खेल है, इसलिए इसके लिए मज़बूत शारीरिक क्षमता और सही मार्गदर्शन चाहिए। आयोजकों का कहना है कि ज्यादा उम्र के लोग या शारीरिक दिक्कत वाले लोग एक्सपर्ट की सलाह लिए बिना ऐसे उपक्रम में हिस्सा न लें।
सांगली-सातारा इलाके में पहली बार इस तरह का वॉटरफॉल रैपलिंग हो रहा है, इसलिए इसे स्थानीय साहसी पर्यटन के लिहाज़ से देखा जा रहा है। इस मुहिम के फोटो और वीडियो 'दुर्गम सह्याद्री' ट्रेकर्स के सोशल मीडिया पेज पर शेयर किए जा रहे हैं। कोळदुर्ग इलाके की इस बेहद साहसी दुर्गभ्रमंती की ओर युवाओं का ध्यान तेज़ी से खिंच रहा है।