केडिया का अनुमान: दिवाली तक सोना 1,80,000 रुपये प्रति 10 ग्राम के पार जा सकता है
केडिया कमोडिटीज के अध्यक्ष अजय केडिया का अनुमान है कि दिवाली या 2026 के अंत तक सोना प्रति 10 ग्राम 1,80,000 रुपये के पार जा सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोना न खरीदने की गुजारिश की है। फिर भी भारतीयों को सोना खरीदने से रोकना बहुत मुश्किल है। यहां सोने को गहने की तरह भी देखा जाता है और निवेश के अच्छे विकल्प की तरह भी, इसलिए सोने की खरीद की तरफ झुकाव हमेशा ज्यादा रहता है।
आज 2 अक्टूबर को कमोडिटी बाजार में कोई कारोबार नहीं हुआ। इसी वजह से IBJA ने भी सोने और चांदी के रेट जारी नहीं किए। देश के अंदर बाजार थोड़ा शांत रहा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की चमक कुछ बढ़ी हुई दिखी। अब सवाल यह है कि दिवाली तक सोने के भाव कहां से कहां पहुंचेंगे।
केडिया कमोडिटीज के अध्यक्ष अजय केडिया के मुताबिक, दिवाली तक या 2026 के अंत तक सोने का भाव प्रति 10 ग्राम 1,80,000 रुपये का आंकड़ा पार कर सकता है। यह उनका अनुमान है, कोई तय नतीजा नहीं।
आज अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतें थोड़ी बढ़ी हैं। US बॉन्ड पर रिटर्न नीचे आया है और फेडरल रिजर्व के अधिकारियों ने इशारा किया है कि अगला ब्याज दर फैसला लेने से पहले उन्हें और वक्त चाहिए। इस बीच मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के डर से एनर्जी सेक्टर में भी कीमतें चढ़ रही हैं।
सिंगापुर में दोपहर को स्पॉट गोल्ड का भाव 0.3 फीसदी बढ़कर 4,190.16 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। चांदी 0.6 फीसदी चढ़कर 61.38 डॉलर प्रति औंस पर पहुंची, जबकि एक दिन पहले उसमें 0.9 फीसदी की बढ़त हुई थी। प्लेटिनम और पैलेडियम के भाव भी ऊपर गए। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले डॉलर स्पॉट इंडेक्स 0.1 फीसदी गिरा।
गुरुवार को अमेरिका के ट्रेजरी यील्ड में हर तरफ गिरावट दिखी। 10 साल का यील्ड 24 साल के रिकॉर्ड स्तर के नीचे आ गया। फ्रांस की आर्थिक हालत को लेकर चिंता बढ़ी, तो निवेशकों ने ज्यादा सुरक्षित विकल्पों की तरफ देखना शुरू किया।
सोने पर ब्याज नहीं मिलता, इसलिए ऊंचा रिटर्न आम तौर पर सोने के लिए नुकसानदेह होता है। सितंबर में सोने की कीमत में 6 फीसदी की गिरावट आई थी और इसकी एक बड़ी वजह यही थी।
फेडरल रिजर्व के उपाध्यक्ष फिलिप जेफरसन ने कहा कि ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की जरूरत है या नहीं, यह परखने में ज्यादा वक्त लग सकता है। इससे जल्दी ब्याज दर बढ़ने की बाजार की उम्मीदें कम हुई हैं। हफ्ते की शुरुआत में यह संभावना 70 फीसदी थी, लेकिन अब ट्रेडरों को लगता है कि अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना सिर्फ 26 फीसदी है।