कांद्री चेकपोस्ट पर ट्रकचालक की पिटाई का आरोप, हाईवे पर ट्रक रोककर विरोध
नागपुर-जबलपुर हाईवे पर कांद्री चेकपोस्ट के पास ट्रकचालकों ने अवैध वसूली और मारपीट के आरोप में करीब दो घंटे जाम लगाया, पुलिस के दखल के बाद यातायात बहाल।
नागपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे नंबर 44 पर कांद्री चेकपोस्ट के पास एक ट्रकचालक के साथ मारपीट होने का आरोप लगाकर गुस्साए ट्रकचालकों ने हाईवे पर ही अपने ट्रक खड़े कर दिए और विरोध शुरू कर दिया। इस आंदोलन की वजह से हाईवे पर गाड़ियों की लंबी-लंबी कतारें लग गईं और करीब दो घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा।
यह घटना 26 सितंबर को दोपहर करीब 12 बजे कांद्री चेकपोस्ट इलाके में हुई बताई जा रही है।
ट्रकचालकों का आरोप है कि कांद्री चेकपोस्ट पर कुछ स्थानीय लोग ट्रकचालकों से गैरकानूनी तरीके से पैसे वसूलते हैं। बताया जा रहा है कि इसी दौरान एक ट्रकचालक ने सवाल उठाया कि जब बाकी जगहों के चेकपोस्ट बंद हैं, तो महाराष्ट्र की सीमा पर स्थित कांद्री चेकपोस्ट अभी भी क्यों चालू है।
इसी बात पर विवाद खड़ा हो गया। ट्रकचालकों के मुताबिक इसके बाद संबंधित लोगों ने ट्रकचालक की कॉलर पकड़कर उसे ट्रक से नीचे खींचा और उसकी पिटाई कर दी।
यह देखकर बाकी ट्रकचालक भी भड़क गए और उन्होंने अपने ट्रक हाईवे पर ही खड़े कर विरोध शुरू कर दिया। इस दौरान ट्रकचालकों और संबंधित लोगों के बीच पहले जुबानी बहस हुई, जो बाद में हाथापाई में बदल गई। इससे कांद्री चेकपोस्ट इलाके में कुछ देर के लिए तनाव का माहौल बन गया।
इस आंदोलन के चलते नागपुर-जबलपुर नेशनल हाईवे पर बड़े वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ट्रकचालकों ने कांद्री चेकपोस्ट बंद करने की मांग करते हुए हाईवे पर धरना दिया।
घटना की खबर मिलते ही हाईवे पुलिस और रामटेक पुलिस मौके पर पहुंची। सब-डिविजनल पुलिस अधिकारी, पुलिस इंस्पेक्टर और पुलिसकर्मियों ने आंदोलन कर रहे ट्रकचालकों से बातचीत की। पुलिस के बीच-बचाव के बाद हालात काबू में आए और करीब दो घंटे बाद हाईवे पर यातायात फिर से सामान्य हो सका।
ट्रकचालकों का यह भी दावा है कि जिस वक्त ट्रकचालक की पिटाई हुई, उस समय चेकपोस्ट पर मौजूद आरटीओ अधिकारी वहीं मौजूद थे। इस बात को लेकर ट्रकचालकों में गहरी नाराजगी है।
ट्रकचालकों का आरोप है कि बाकी सभी चेकपोस्ट बंद होने के बावजूद कांद्री बॉर्डर का चेकपोस्ट चालू रखा गया है और वहां अवैध वसूली की जा रही है। उन्होंने मांग की है कि यह कथित वसूली तुरंत बंद कर कांद्री चेकपोस्ट को बंद किया जाए।
हालांकि इन आरोपों पर संबंधित विभाग की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है, इसलिए आरोपों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।