मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:21 IST

कल्याण में दुकान मालिक से 40 लाख की लूट, पूर्व कर्मचारी समेत छह गिरफ्तार, 36 लाख बरामद

तीन महीने की सैलरी न मिलने का बदला लेने के लिए पूर्व कर्मचारी ने साथियों के साथ मिलकर रची थी लूट की साजिश, कल्याण क्राइम ब्रांच ने खोला मामला

कल्याण में दुकान मालिक से 40 लाख की लूट, पूर्व कर्मचारी समेत छह गिरफ्तार, 36 लाख बरामद
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

कल्याण में एक दुकान मालिक से 40 लाख रुपये की भरी सड़क लूट का मामला सामने आया है, और कल्याण क्राइम ब्रांच ने इस केस को सुलझा लिया है। पुलिस जांच में पता चला कि यह लूट किसी बाहरी गैंग ने नहीं, बल्कि उसी दुकान में पहले काम कर चुके एक कर्मचारी ने अपने साथियों के साथ मिलकर रची थी। वजह थी तीन महीने की सैलरी न मिलने का गुस्सा।

घटना 15 सितंबर की है, कल्याण-आगरा रोड पर। फारूक अत्तार अपने एक साथी के साथ 40 लाख रुपये लेकर बैंक ऑफ बड़ौदा की ब्रांच में जमा करने जा रहे थे। तभी दो बाइकों पर सवार चार लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया। आरोपियों ने दोनों को नीचे गिराकर उनसे 40 लाख रुपये की पूरी रकम छीन ली और मौके से फरार हो गए। भरी सड़क पर दिनदहाड़े हुई इस लूट से इलाके में हड़कंप मच गया।

घटना के बाद बाजारपेठ पुलिस और कल्याण क्राइम ब्रांच ने तुरंत जांच शुरू कर दी। कल्याण क्राइम ब्रांच के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अजित शिंदे की देखरेख में टीम ने तफ्तीश तेज की। इसी दौरान पुलिस ने शोहेब शेख नाम के एक कर्मचारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें लूट की साजिश से जुड़ी अहम जानकारी हाथ लगी। इसके बाद जांच मुख्य आरोपी समीर शेख और उसके साथियों तक जा पहुंची। इस मामले में पुलिस ने कुल छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके नाम हैं समीर शेख, आफताब खान, शहनवाज अंसारी, शोहेब शेख, मुजाहिद खान और शाहिद शेख। पुलिस के मुताबिक इन आरोपियों के पास से लूट के 40 लाख रुपयों में से 36 लाख रुपये बरामद कर लिए गए हैं।

पुलिस जांच के अनुसार मुख्य आरोपी समीर शेख उल्हासनगर की क्रांती फूड नाम की दुकान में काम करता था। चोरी के शक में उसे दुकान से निकाल दिया गया था, और आरोप है कि उस वक्त उसकी तीन महीने की सैलरी भी नहीं दी गई थी। इसी बात का गुस्सा मन में रखकर समीर ने दुकान मालिक को लूटने की पूरी साजिश रची, ऐसा पुलिस जांच में सामने आया है।

चूंकि समीर पहले उसी दुकान में काम कर चुका था, इसलिए उसे दुकान के पैसों के लेनदेन की पूरी जानकारी थी। पुलिस का कहना है कि दुकान से कितनी रकम बाहर ले जाई जाती है, पैसे बैंक में कब जमा किए जाते हैं और कहां ले जाए जाते हैं, यह सब उसे पता था। इसी जानकारी का इस्तेमाल कर उसने अपने साथियों की मदद से पूरा प्लान बनाया और जब पैसे बैंक में जमा करने के लिए ले जाए जा रहे थे, तभी लूट को अंजाम दिया गया।

घटना के बाद तेजी से कार्रवाई करते हुए पुलिस ने छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया और उनसे 36 लाख रुपये बरामद कर लिए। बाकी बची रकम और इस अपराध में और किसी की भागीदारी है या नहीं, इस बारे में आगे की जांच जारी है। मामले की आगे की तफ्तीश कल्याण क्राइम ब्रांच और बाजारपेठ पुलिस मिलकर कर रहे हैं। आरोपियों पर लगे आरोप अदालत में साबित होना अभी बाकी है।

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