जिवती के धोंडाअर्जुनी में ग्रामसभा ने लिया स्वच्छता और नशामुक्ति का संकल्प
सेवा संकल्प अभियान के तहत धोंडाअर्जुनी में ग्रामस्थों ने स्वच्छता और नशामुक्ति का प्रण लिया
जिवती तहसील के धोंडाअर्जुनी (गोंडगुडा) गांव में सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामस्थों ने मिलकर गांव की सफाई, नशामुक्ति, ग्रामविकास और पेसा कानून के असरदार अमल के लिए पहल की है। शनिवार, २७ सितंबर की रात ८ से १० बजे के बीच मुंडा निवासी पारंपरिक ग्रामसभा बड़े उत्साह के साथ हुई। इस ग्रामसभा में गांव के हर तरह के विकास के लिए कई अहम प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किए गए।
इस ग्रामसभा में धोंडाअर्जुनी के अलावा आसपास के कई गांवों के मूलनिवासी लोग बड़ी तादाद में मौजूद रहे। लेखा-मेंढा गांव की तर्ज पर ग्रामव्यवस्था में सुधार करना, पेसा कानून का असरदार अमल, समाजसुधार, नशामुक्ति, गांव की साफ-सफाई और गांव के विकास में लोगों की भागीदारी बढ़ाने जैसे मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
ग्रामसभा में लिए गए फैसलों को अगले ही दिन, २८ सितंबर की सुबह अमल में लाया गया। ग्रामस्थ इकट्ठा होकर गांव की सड़कों, सार्वजनिक जगहों, आसपास के इलाके और नाली-सांडपानी वाली जगहों की सफाई में जुट गए। हर परिवार ने अपनी मर्जी से इसमें हिस्सा लिया, जिससे यह ग्रामस्वच्छता अभियान एक जन आंदोलन जैसा बन गया। इस मौके पर साफ, सुंदर और सेहतमंद गांव बनाने का संकल्प भी लिया गया।
ग्रामसभा में तय हुए प्रस्ताव के मुताबिक ग्रामस्थों ने गांव को शराबमुक्त और नशामुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया। जिला परिषद प्राथमिक स्कूल येरमी-येसापूर के मुख्याध्यापक लिंगोराव सोयाम ने नशे से होने वाले सामाजिक, आर्थिक और पारिवारिक नुकसान के साथ-साथ नशामुक्ति के फायदे भी समझाए। उन्होंने ग्रामस्थों से नशामुक्त गांव बनाने के लिए मिलकर कोशिश करने की अपील की।
इस पहल को धोंडाअर्जुनी की सरपंच जुमनाके, कृषि उत्पन्न बाजार समिति के सभापति नामदेव जुमनाके, गावपाटील गोविंदराव कन्नाके, जुगदराव सिडाम, पुलिस पाटील कोवे, आंगनवाड़ी सेविका और आशा स्वयंसेविकाओं समेत ग्रामस्थों का जबरदस्त समर्थन मिला।
ग्रामसभा में जिवती पंचायत समिति के प्रथम सभापति भीमराव मेश्राम, शंकर वेट्टी, जंगू मेश्राम, लिंगोराव सोयाम, संतोष सल्लाम, शित्रू गेडाम, धर्मराव मडावी, विशेषता कोटनाके, चैनराव मडावी, आदर्श गांव महापांढरवाणी के गावपाटील मानकु धुर्वे, इसरू आडे के साथ ही कारगाव खुर्द, आसापूर, घारपणा, नागापूर, गढपांढरवाणी और महापांढरवाणी गांवों के गणमान्य लोग और ग्रामस्थ मौजूद थे।