मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:21 IST

जावळी में शराबबंदी के बीच उत्पादन शुल्क विभाग ने एक ही दिन आठ जगह छापे मारे

राज्य में शराबबंदी के प्रयोग के लिए जाने जाने वाले जावळी तालुका में अवैध शराब बिक्री का मामला फिर सामने आया, आठ लोगों के खिलाफ केस दर्ज

जावळी में शराबबंदी के बीच उत्पादन शुल्क विभाग ने एक ही दिन आठ जगह छापे मारे
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

राज्य में शराबबंदी के प्रयोग के लिए मशहूर जावळी तालुका में अवैध शराब बिक्री का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। राज्य उत्पादन शुल्क विभाग ने 21 सितंबर को तालुका के अलग-अलग गांवों में अचानक छापे मारकर आठ संदिग्धों के खिलाफ केस दर्ज किए। इस कार्रवाई में देसी-विदेशी शराब और बियर सहित कुल 29 हजार 500 रुपये का माल जब्त किया गया।

पूरे जावळी तालुका में शराबबंदी लागू होने के बावजूद कुछ इलाकों में चोरी-छुपे शराब बिक्री होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इस कार्रवाई के बाद शराबबंदी के पालन पर फिर सवाल उठने लगे हैं। अवैध शराब बिक्री रोकने की जिम्मेदारी पुलिस और उत्पादन शुल्क विभाग दोनों की है, ऐसे में दोनों विभागों के बीच तालमेल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

कुछ साल पहले जावळी तालुका को शराबमुक्त बनाने के लिए महिलाओं ने बड़ा आंदोलन खड़ा किया था। इस वजह से यहां की शराबबंदी सिर्फ एक सरकारी फैसला नहीं रहकर एक सामाजिक आंदोलन का मुद्दा बन गई थी। लेकिन पिछले कुछ सालों से तालुका में चोरी-छुपे शराब बिकने की शिकायतें बार-बार सामने आती रही हैं।

उत्पादन शुल्क विभाग की इस कार्रवाई में बिभवी, मेढा, सोमर्डी, करहर, सोनगाव और आनेवाडी इलाकों में शराब जब्त की गई। बिभवी में आकाश आगलावे से 5 हजार 480 रुपये की देसी शराब-बियर, मेढा में मयुरेश गोरे से 4 हजार 200 रुपये और गणेश विष्णू धनावडे से 2 हजार 800 रुपये की देसी शराब जब्त हुई। सोमर्डी में निरंजन साहेबराव परामणे से 2 हजार 400 रुपये, करहर में दिपाली रमेश गोळे से 5 हजार 340 रुपये की देसी-विदेशी शराब और संभाजी रामचंद्र गोळे से 3 हजार 360 रुपये की देसी शराब पकड़ी गई। सोनगाव में दिपक संजय शेवते से 2 हजार 80 रुपये और आनेवाडी में अनिल मुगुटराव फरांदे से 3 हजार 840 रुपये की देसी शराब जब्त की गई। इस तरह कुल 29 हजार 500 रुपये का माल जब्त किया गया।

कहा जा रहा है कि उत्पादन शुल्क आयुक्त राजेश देशमुख ने जावळी तालुका में अवैध शराब बिक्री पर खास ध्यान दिया, जिसके बाद विभाग की कार्रवाई तेज हुई। इससे पहले अवैध शराब बिक्री की कार्रवाई को लेकर पुलिस और उत्पादन शुल्क विभाग के बीच जिम्मेदारी टालने की चर्चा होती रही थी। लेकिन अब उत्पादन शुल्क विभाग ने एक ही दिन में आठ जगह कार्रवाई करके शराबबंदी के पालन का मुद्दा फिर चर्चा में ला दिया है।

पुलिस प्रशासन पहले संकेत दे चुका है कि जिस इलाके में अवैध कारोबार मिलेगा, वहां के बीट अंमलदार पर भी कार्रवाई होगी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि उत्पादन शुल्क विभाग ने जिन इलाकों में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ कार्रवाई की, वहां के बीट अंमलदारों पर पुलिस अधीक्षक पिंगळे कार्रवाई करेंगे या नहीं। अब पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है, इस पर जावळी के लोगों की नजर टिकी है।

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