जरांगे पाटील का नारायणगड दसरा मेले में लाखों मराठों से जुटने का आह्वान
मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने नारायणगड के दसरा मेले के लिए मराठा समाज से बड़ी संख्या में आने की अपील की है।
मराठा आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने नारायणगड पर होने वाले दसरा मेले के लिए मराठा समाज से बड़ी संख्या में जमा होने की अपील की है। 'एक मराठा, लाख मराठा' की घोषणा इस मेले के बहाने एक बार फिर नए जोश के साथ गूंजती दिखेगी।
इससे पहले गणेशोत्सव के दौरान जरांगे ने अपनी अलग-अलग मांगों को लेकर मुंबई में आंदोलन की घोषणा की थी। वे मुंबई के लिए रवाना भी हो गए थे। लेकिन सरकार ने तुरंत उनसे मुलाकात की और आंदोलन वापस लेने की गुजारिश की। जरांगे की कुछ मांगें मान ली गईं, जिसके बाद उन्होंने आंदोलन स्थगित कर दिया था। अब जालना से उन्होंने मराठा समाज से दसरा मेले के लिए नारायणगड पहुंचने को कहा है।
पत्रकारों से बात करते हुए जरांगे ने कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार को ज्ञानेश कुमार को हटाकर उनकी जगह किसी और को नियुक्त करना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या सरकार और ज्ञानेश कुमार के बीच मिलीभगत है। इस तरह उन्होंने चुनाव आयोग पर निशाना साधा।
सूखे और किसानों की परेशानियों पर बोलते हुए जरांगे पाटील ने कहा कि सरकार को किसानों को हेक्टेयर पीछे 1 लाख रुपये की मदद देकर उनके आंसू पोंछने चाहिए। उन्होंने सरकार को सीधी चेतावनी भी दी कि अगर जनता आपको सत्ता पर बैठा सकती है, तो आपको नीचे भी खींच सकती है।
जरांगे पाटील का दावा है कि मराठा लोग आरक्षण मांगने लगें तो दादागिरी की जाती है और उन्हें कुचलने का खेल चलता है। उन्होंने कहा कि अब सब्र का बांध टूटने वाला है। उनके मुताबिक उन्हें बहुत परेशान किया जा रहा है और मराठा आंदोलनकारियों को भी तंग किया जा रहा है।
जरांगे पाटील ने सरकार पर तीखे शब्दों में हमला करते हुए कहा कि घोषित तानाशाही चल रही है, सत्ताधारियों का जुल्मी राज चल रहा है और यह सरकार बेहद अन्यायकारी है। किसानों की पूरी कर्जमाफी क्यों नहीं हो रही, यह सवाल उठाकर उन्होंने सरकार को घेरा। उन्होंने मांग की कि सरकार गांव-गांव में चारा छावनियां शुरू करे।
जरांगे पाटील ने कहा, "मैं सरकार का दोस्त बनने को तैयार नहीं हूं।" उन्होंने यह भी कहा कि मुझे सरकार के आगे झुकाने के लिए जब-जब दांव चले जाएंगे, तब-तब मराठा समाज को 100 गुना ताकत से एकजुट होना चाहिए। आखिर में उन्होंने दोहराया कि नारायणगड में होने वाले दसरा मेले में मराठा समाज के लोग बड़ी संख्या में आएं।