मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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17:56 IST

जंतर मंतर पर महिला पत्रकारों की पुलिस पर शिकायत, क्राइम ब्रांच करेगी जांच

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 3 अक्टूबर के प्रदर्शन में तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। शिकायतें क्राइम ब्रांच को सौंपी गई हैं।

जंतर मंतर पर महिला पत्रकारों की पुलिस पर शिकायत, क्राइम ब्रांच करेगी जांच
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

नई दिल्ली: जंतर मंतर पर 3 अक्टूबर को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन हुआ था। उस दौरान तीन महिला पत्रकारों ने दिल्ली पुलिस पर यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। दिल्ली पुलिस ने ये शिकायतें निष्पक्ष जांच के लिए क्राइम ब्रांच के हवाले कर दी हैं।

पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन के वक्त कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहां पुलिस बंदोबस्त लगाया गया था। पुलिस के मुताबिक यही शिकायतें उसी दौरान की गई हैं।

न्यू दिल्ली जिला पुलिस के पास तीन महिला पत्रकारों की शिकायतें पहुंची थीं। इसके बाद मामला क्राइम ब्रांच को सौंपा गया, ताकि जांच निष्पक्ष तरीके से हो सके। क्राइम ब्रांच शिकायत करने वाली महिला पत्रकारों और मामले से जुड़े दूसरे लोगों के बयान दर्ज करेगी। उसके बाद आरोपों को लेकर मौजूद सबूतों और हालात की जांच की जाएगी।

इनमें से एक महिला पत्रकार ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शन की कवरेज के दौरान असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस यानी ACP ने उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया। पत्रकार का दावा है कि पुलिस प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले रही थी, तब उन्होंने ACP विवेक भगत से पूछा कि मौके पर कोई महिला पुलिसकर्मी क्यों नहीं है। उनका आरोप है कि इसके बाद उनके साथ बदसलूकी की गई और उन्हें पीछे धकेल दिया गया। इन आरोपों की जांच अभी चल रही है और इनकी अलग से पुष्टि नहीं हुई है।

उसी पत्रकार ने यह भी बताया कि शिकायत दर्ज कराने के लिए वे और दूसरे पत्रकार पुलिस स्टेशन गए थे। इसके बाद पत्रकारों और प्रदर्शनकारियों ने पुलिस स्टेशन के बाहर कार्रवाई की मांग की थी।

प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। काउंसिल का कहना है कि प्रदर्शन की कवरेज करने वाले पत्रकारों के साथ ऐसा बर्ताव लोकतंत्र में आम बात नहीं बननी चाहिए। काउंसिल ने दिल्ली पुलिस से अपील की है कि वह फौरन कार्रवाई करे, ताकि पत्रकार बिना डर के काम कर सकें और प्रदर्शन की कवरेज करते वक्त उन पर कोई दबाव न पड़े और उन्हें आक्रामक बर्ताव का सामना न करना पड़े।

इस मामले के बाद जंतर मंतर पर पत्रकारों की सुरक्षा और पुलिस की कार्रवाई का मुद्दा चर्चा में आ गया है। अब सबकी नजर इस पर है कि क्राइम ब्रांच की जांच में इन शिकायतों पर आखिर क्या निकलकर आता है।

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