मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:03 IST

हिरो मोटर्स का शेयर इश्यू प्राइस से नीचे लिस्ट हुआ, फिर लगा 20 फीसदी अपर सर्किट

लिस्टिंग के दिन कमजोर शुरुआत के बाद हिरो मोटर्स के शेयर में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली, एक्सपर्ट ने वैल्यूएशन को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी है

हिरो मोटर्स का शेयर इश्यू प्राइस से नीचे लिस्ट हुआ, फिर लगा 20 फीसदी अपर सर्किट
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

हिरो मोटर्स का शेयर स्टॉक मार्केट में पहले ही दिन खासा उतार-चढ़ाव दिखा गया। कंपनी का शेयर अपने IPO प्राइस के मुकाबले करीब 2 फीसदी डिस्काउंट पर 82 रुपये पर लिस्ट हुआ। शुरुआती कमजोरी के बाद शेयर में जबरदस्त खरीदारी शुरू हुई और यह 20 फीसदी उछलकर 98.40 रुपये के अपर सर्किट पर पहुंच गया।

दरअसल हिरो मोटर्स के IPO के लिए 84 रुपये प्रति शेयर का इश्यू प्राइस तय किया गया था। इसके मुकाबले शेयर की मार्केट में शुरुआत 82 रुपये पर हुई, यानी IPO प्राइस से करीब 2 फीसदी कम रेट पर लिस्टिंग हुई। लेकिन लिस्टिंग के बाद निवेशकों की खरीदारी का जोर बढ़ता गया, जिसके चलते शेयर ने 20 फीसदी की तेजी दर्ज करते हुए 98.40 रुपये का लेवल छू लिया। इस कीमत पर शेयर अपर सर्किट में लॉक हो गया।

हिरो मोटर्स के 1,000 करोड़ रुपये के IPO को निवेशकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था। तीन दिन की बिडिंग प्रोसेस में यह IPO करीब 7 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स यानी NII कैटेगरी 9.86 गुना भरी, रिटेल निवेशकों का हिस्सा 8 गुना से ज्यादा सब्सक्राइब हुआ, जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स यानी QIB हिस्सा 1.5 गुना भरा।

कंपनी के IPO में 600 करोड़ रुपये का फ्रेश इश्यू और 400 करोड़ रुपये का ऑफर फॉर सेल यानी OFS शामिल था। IPO के लिए प्राइस बैंड 79 से 84 रुपये प्रति शेयर रखा गया था और एक लॉट में 178 शेयर तय किए गए थे।

लिस्टिंग के बाद आई इस तेजी ने निवेशकों का ध्यान जरूर खींचा है, लेकिन मौजूदा वैल्यूएशन को लेकर मार्केट के जानकारों ने सतर्क रुख अपनाया है। SBI Securities के फंडामेंटल रिसर्च हेड सनी अग्रवाल का कहना है कि हिरो मोटर्स का ऑटो-ऐन्सिलरी बिजनेस मजबूत है, लेकिन लिस्टिंग के वक्त कंपनी का वैल्यूएशन अपने कॉम्पिटिटर कंपनियों के मुकाबले करीब बराबर लेवल पर था। इस वजह से नए निवेशकों के लिए तुरंत एंट्री लेने का मौका सीमित हो सकता है।

सनी अग्रवाल के मुताबिक निवेशकों को कंपनी की ग्रोथ स्ट्रैटेजी और आने वाली तिमाही के फाइनेंशियल परफॉर्मेंस पर नजर रखनी चाहिए। अगर शेयर की कीमत में गिरावट आती है, तो वैल्यूएशन के लिहाज से हालात का दोबारा जायजा लिया जा सकता है।

एक्सपर्ट का मानना है कि हिरो मोटर्स के बिजनेस में ग्रोथ की क्षमता है, लेकिन मौजूदा शेयर वैल्यूएशन और लिस्टिंग के बाद आई तेज उछाल को देखते हुए नए निवेशकों को कंपनी के फाइनेंशियल रिजल्ट, बिजनेस ग्रोथ, कॉम्पिटिशन में स्थिति और शेयर के वैल्यूएशन का अपने स्तर पर अध्ययन करना जरूरी है।

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