गरबा के लिए पार्टनर किराए पर देने का दावा वायरल, साइबर क्राइम जांच शुरू
'Rent A Garba Partner' नाम से चल रही पोस्ट में सिल्वर, गोल्ड और प्लैटिनम पैकेज के रेट बताए गए, विधायक ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की
नवरात्रि शुरू होने से पहले ही सोशल मीडिया पर एक अजीब सी पोस्ट वायरल हो गई है, जिसने लोगों के बीच खूब चर्चा छेड़ दी है। 'Rent A Garba Partner' नाम से घूम रही इस पोस्ट में दावा किया गया है कि गरबा खेलने के लिए पैसे देकर पार्टनर किराए पर मिल सकता है।
मुंबई, अहमदाबाद और सूरत से जुड़े ऐसे कई पोस्ट और सोशल मीडिया अकाउंट सामने आने के बाद अब साइबर क्राइम इस मामले की जांच में जुट गया है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन जाहिरातों के पीछे आखिर किसका हाथ है, और मकसद सिर्फ पार्टनर उपलब्ध कराना है या फिर इसके पीछे किसी तरह की ठगी का खेल चल रहा है।
नवरात्रि उत्सव में अब बस चंद दिन बाकी हैं, और इस दौरान देश भर में जगह-जगह गरबा नाइट का आयोजन होता है। इसी माहौल में ये पोस्ट वायरल हुई हैं, जिनमें पैसे देकर गरबा पार्टनर मुहैया कराने की बात कही गई है। इन पोस्ट में गरबा उत्सव के नाम पर अलग-अलग पैकेज और उनके रेट भी बताए गए हैं।
कुछ वायरल पोस्टर में 'Silver', 'Gold' और 'Platinum' नाम से पैकेज की जानकारी दी गई है। कुछ पोस्ट में गरबा पार्टनर के लिए 1,000 रुपये से 2,000 रुपये तक का पैकेज बताया गया, तो वहीं एक और पोस्ट में 3,000 रुपये से लेकर 6,500 रुपये तक के रेट सामने आए। इन जाहिरातों में 2 घंटे से लेकर पूरी रात तक गरबा पार्टनर देने का दावा किया गया है। इसके अलावा डांस स्टेप सिखाने, मैचिंग आउटफिट, सेल्फी, इंस्टाग्राम रील्स और फोटो खिंचवाने जैसी सर्विस का भी जिक्र है। कुछ पोस्ट में 'फोरहेड किस', देर रात फूड आउटिंग और घर छोड़ने जैसी बातें भी लिखी मिलीं, जिसके चलते इन जाहिरातों की असलियत पर सवाल उठने लगे हैं।
मीरा-भाईंदर विधानसभा सीट से भाजपा विधायक नरेंद्र मेहता ने इस 'किराए के गरबा पार्टनर' वाली जाहिरात पर सवाल खड़े किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने पुलिस कमिश्नर निकेत कौशिक को लिखित शिकायत दी है और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। मेहता ने चिट्ठी के जरिए इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर जरूरी कार्रवाई करने की मांग रखी। इसके अलावा उन्होंने खुद पुलिस कमिश्नर अनिकेत कौशिक से मुलाकात कर भी इस मामले की तरफ ध्यान दिलाया।
अभी यह पता लगाया जा रहा है कि 'गरबा पार्टनर' किराए पर देने वाली इन जाहिरातों के पीछे असल में कौन है। जांच इस बात पर केंद्रित है कि इनका मकसद सिर्फ पार्टनर उपलब्ध कराना है, या इसके पीछे कोई बड़ी साजिश, ठगी या कुछ और चल रहा है। सोशल मीडिया पर महिलाओं और पुरुषों के साथ-साथ लड़के-लड़कियों को भी पार्टनर देने के ऑफर दिखाए जा रहे हैं, ऐसा दावा किया जा रहा है। नवरात्रि और गरबा उत्सव के इस माहौल में ऐसी जाहिरातें बड़ी तादाद में लोगों तक पहुंच रही हैं, इसलिए साइबर क्राइम इस मामले की जांच कर रहा है।
पुलिस ने लोगों से ऐसी जाहिरातों को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। चेतावनी दी गई है कि इन ऑफर्स के जरिए लोगों को जाल में फंसाया जा सकता है। ऐसी जाहिरातों के जरिए ग्राहकों को फिशिंग लिंक पर क्लिक करने के लिए उकसाया जा सकता है, जिसके बाद ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर आर्थिक ठगी होने की आशंका है। इसके अलावा इस रास्ते से दूसरे तरह के साइबर अपराध भी हो सकते हैं, ऐसी चिंता जताई जा रही है। इसलिए सोशल मीडिया पर दिखने वाले ऐसे लुभावने ऑफर्स पर तुरंत भरोसा करने की बजाय उनकी सच्चाई परखना जरूरी है। 'Rent A Garba Partner' की इन जाहिरातों के पीछे की असली कहानी जांच एजेंसियों की पड़ताल पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगी।