मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:48 IST

एशियाई खेल भाला फेंक फाइनल में भारत के यशवीर को रजत, रोहित को कांस्य पदक

नागोया में सोमवार को हुए पुरुष भाला फेंक फाइनल में भारत के दो एथलीटों ने पदक जीते।

एशियाई खेल भाला फेंक फाइनल में भारत के यशवीर को रजत, रोहित को कांस्य पदक
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

एशियन गेम्स 2026 में सोमवार को पुरुषों की भाला फेंक स्पर्धा के फाइनल में भारत को एक साथ दो पदक मिले। यशवीर सिंह ने देश के लिए रजत पदक जीता, जबकि रोहित यादव के हिस्से में कांस्य पदक आया। इस स्पर्धा का सोना श्रीलंका के रुमेश थारंगा के नाम रहा।

यह मुकाबला नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में खेला गया। भारत के यशवीर सिंह ने 85.72 मीटर के अपने सबसे अच्छे थ्रो के साथ दूसरा स्थान हासिल किया। यह दूरी उन्होंने अपने छठे और आखिरी प्रयास में नापी। इससे पहले उनका सबसे बेहतर प्रयास 85.14 मीटर का था।

यशवीर के सभी प्रयासों पर नजर डालें तो पहले प्रयास में उन्होंने 83.56 मीटर, दूसरे में 82.99 मीटर, तीसरे में 82.42 मीटर और चौथे प्रयास में 84.31 मीटर की दूरी तय की। पांचवें प्रयास में उनका भाला 85.14 मीटर तक गया, और आखिर में छठे प्रयास में 85.72 मीटर के साथ उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया।

दूसरी तरफ रोहित यादव ने 84.35 मीटर के अपने बेस्ट थ्रो के साथ देश के लिए कांस्य पदक पक्का किया। रोहित को यह सफलता अपने तीसरे ही प्रयास में मिल गई थी। उनके प्रयासों की बात करें तो पहले प्रयास में उन्होंने 77.25 मीटर, दूसरे में 82.40 मीटर, तीसरे में 84.35 मीटर, चौथे में 82.16 मीटर और पांचवें प्रयास में 82.15 मीटर का थ्रो किया। उनका छठा और आखिरी प्रयास फाउल करार दिया गया।

इस स्पर्धा का सोना जीतने वाले श्रीलंका के रुमेश थारंगा का प्रदर्शन शानदार रहा। थारंगा ने अपने चौथे प्रयास में 88 मीटर का आंकड़ा पार किया, और उसके बाद छठे व आखिरी प्रयास में 88.55 मीटर दूर भाला फेंककर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दिया।

थारंगा के प्रयासों का पूरा ब्योरा यह रहा, पहले प्रयास में उन्होंने 73.53 मीटर की दूरी तय की, जिसके बाद अगले प्रयास में उनका भाला 83.34 मीटर दूर गिरा। उनका तीसरा प्रयास अवैध करार दिया गया, जिसके बाद 88.33 मीटर की दूरी दर्ज होने पर वे गुणतालिका में सबसे ऊपर पहुंच गए। थारंगा का पांचवां प्रयास भी फाउल रहा, लेकिन आखिरी यानी छठे प्रयास में उन्होंने 88.55 मीटर का थ्रो कर खिताब पर अपनी मुहर लगा दी।

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