एक साल में दो बार छूटी नौकरी, सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने रेडिट पर बयां किया दर्द
रेडिट पर वायरल पोस्ट में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने बताया कि एक ही साल में उसे दो बार नौकरी से निकाला गया, और अब वह करियर को लेकर उलझन में है।
सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनना मतलब मोटी सैलरी और अच्छी लाइफ, ऐसा अब तक सब मानते आए थे। लेकिन अब यह तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के आने के बाद पूरे IT सेक्टर की नौकरियां खतरे में आ गई हैं। इसी की एक मिसाल रेडिट पर इन दिनों वायरल हो रही है।
बीस साल की उम्र के आखिरी पड़ाव पर खड़े एक लड़के ने अपनी परेशानी शेयर की है। उसे एक ही साल के भीतर दो बार नौकरी से निकाला जा चुका है। अब उसे समझ नहीं आ रहा कि सॉफ्टवेयर फील्ड में ही रुके या कुछ और रास्ता तलाशे।
उसने रेडिट पर जो पोस्ट डाली, उसका टाइटल था, आज फिर नौकरी चली गई, एक साल में दूसरी बार। अब मैं अपने भविष्य के बारे में सोच रहा हूं।
उसने लिखा कि पिछले साल के आखिर में पहली कंपनी से उसे निकाल दिया गया था। इसके बाद कई महीनों तक वह नौकरी ढूंढता रहा। करीब 6 महीने बाद कहीं जाकर उसे अच्छी सैलरी वाली नौकरी मिली। उसे लगा कि अब सब कुछ ठीक हो जाएगा। नई कंपनी में जॉइन किया, काम भी अच्छे से किया। मगर सिर्फ ढाई महीने में ही उसे फिर से निकाल दिया गया। उसके साथ कई और लोगों को भी नौकरी से निकाला गया।
कंपनी ने इसकी वजह क्या बताई? काम में किसी गड़बड़ी की बात नहीं थी, बल्कि खर्च घटाना है और टीम की बनावट बदल रही है, यह कारण दिया गया। यानी उसकी कोई गलती नहीं थी, फिर भी नौकरी चली गई। दो बार के इस झटके से वह पूरी तरह टूट चुका है। उसका आत्मविश्वास बुरी तरह हिल गया है। उसे यह सवाल परेशान कर रहा है कि सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में अब कोई भविष्य बचा भी है या नहीं।
वह आगे लिखता है कि वह किसी अमीर घर से नहीं है। उसके पास महीनों घर बैठने या अलग-अलग करियर आजमाने की गुंजाइश नहीं है। पेट पालने और करियर के लिए उसे अपना गांव छोड़कर वहां जाना पड़ा जहां नौकरी मिली। और अब फिर से नौकरी छूटने के बाद वह सोच रहा है कि क्या वह इसी रास्ते पर चलता रहेगा।
उसका कहना है कि AI का असर उसे बहुत करीब से महसूस हो रहा है। उसने माना कि AI ने सभी डेवलपर्स की जगह नहीं ली है, लेकिन कंपनियां अब सिर्फ AI, प्रोडक्टिविटी और खर्च घटाने के बारे में ही सोच रही हैं। इससे पहले से ही नौकरी बचाने के लिए जूझ रहे लोगों की टेंशन और बढ़ गई है।
आखिर में उसने लिखा कि उसे सहानुभूति नहीं, सिर्फ सलाह चाहिए। जिन लोगों ने ऐसा कुछ झेला है, वे बताएं कि उसे आगे क्या करना चाहिए। वह फिलहाल पूरी तरह टूटा हुआ है और उसे समझ नहीं आ रहा कि किस दिशा में बढ़े।
इस पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट किए, बहुतों ने अपने जैसे ही अनुभव शेयर किए। एक ने लिखा कि पिछले 6 साल में उसे 3 बार निकाला गया है, दो बार अच्छा पैसा भी मिला, अब नौकरी से निकाला जाना बहुत आम बात हो गई है, इसलिए टेंशन मत लो। दूसरे ने सलाह दी कि वह अभी बीस साल का ही है, सरकारी नौकरी के बारे में सोचे, क्योंकि इसका उसकी स्किल से कोई लेना-देना नहीं है, मार्केट ही खराब चल रहा है और लोग फ्रीलांसिंग की तरफ जा रहे हैं। तीसरे ने कहा कि सिर्फ दो कंपनियों के फैसले से अपना करियर तय न करे, रिज्यूमे अपडेट करे और फिर से नौकरी की तलाश शुरू करे। एक अन्य यूजर ने बस इतना लिखा कि वह उसे कोई सलाह नहीं देगा, पर उसने पहले भी यह किया है और फिर करेगा, शुभकामनाएं। यह सिर्फ एक लड़के की कहानी नहीं है, आजकल IT सेक्टर में कई लोगों के साथ ऐसा ही हो रहा है। क्या AI की वजह से सच में नौकरियां जा रही हैं, यह अब बड़ा सवाल बन गया है।