दिशा सालियन केस: सतीश सालियन आदित्य ठाकरे को मानहानी नोटिस देने मातोश्री जाएंगे
दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने सीबीआई को पत्र लिखकर आदित्य ठाकरे, अनिल देशमुख और तत्कालीन पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी की मांग की है।
दिशा सालियन मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। जानकारी के मुताबिक दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन आज दोपहर 4 बजे ठाकरे परिवार के आवास मातोश्री पर जाने वाले हैं। वहां वे ठाकरे गुट के विधायक आदित्य ठाकरे को अब्रुनुकसानी यानी मानहानी की नोटिस देंगे।
दरअसल आदित्य ठाकरे ने 16 सितंबर को एक सोशल मीडिया पोस्ट शेयर करते हुए कहा था कि वे दिशा सालियन को जानते ही नहीं थे। इसी पोस्ट को लेकर सतीश सालियन ने आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख के खिलाफ मानहानी का दावा ठोका है। सतीश सालियन का कहना है कि दिशा सालियन की मौत को लेकर आदित्य ठाकरे ने जो आरोप लगाए, वे दरअसल उन्हीं को निशाना बनाकर लगाए गए थे। सालियन का दावा है कि उनके पास आदित्य ठाकरे के खिलाफ पूरे सबूत मौजूद हैं। वे कानूनी रास्ते से न्याय पाने के लिए लड़ रहे हैं, लेकिन उन पर राजनीतिक मकसद और निजी दुश्मनी से आरोप लगाए जा रहे हैं, ऐसा उनका आक्षेप है।
नोटिस देते वक्त कोई अड़चन या सुरक्षा को खतरा पैदा हो सकता है, यह आशंका जताते हुए सतीश सालियन ने अपने और अपनी कानूनी टीम के लिए मुंबई पुलिस से सुरक्षा की मांग की है। दिशा सालियन की मौत के मामले की निष्पक्ष और कानूनी जांच के लिए अपनी लड़ाई जारी रखने की बात भी उन्होंने कही है।
इसके अलावा सतीश सालियन ने सीबीआई को एक पत्र भी लिखा है। इस पत्र में उन्होंने आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख के साथ-साथ मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह, बर्खास्त पुलिस अधिकारी सचिन वाझे और अन्य लोगों को तुरंत गिरफ्तार करने की मांग की है।
दिशा सालियन की मौत के मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 409 जोड़ने के साथ-साथ कथित बलात्कार, हत्या, सबूत मिटाने और मामला दबाने को लेकर प्रत्यक्षदर्शी और अन्य अहम गवाहों के बयान दर्ज करने की मांग उठ रही है। इसी पृष्ठभूमि में भाजप के प्रदेशाध्यक्ष रवींद्र चव्हाण ने अपनी पार्टी के नेताओं को अहम निर्देश दिए हैं। रवींद्र चव्हाण ने पार्टी के सभी नेताओं और पदाधिकारियों को साफ हिदायत दी है कि पर्याप्त सबूत हाथ में आए बिना इस मुद्दे पर बिलकुल न बोलें। सबूतों के बिना किसी भी विषय पर सार्वजनिक तौर पर बोलना ठीक नहीं है, यह कहते हुए उन्होंने नेताओं को संयम बरतने की ताकीद की है।