दिल्ली पुलिस पर नेहा वोरा का आरोप, कहा- हिरासत नहीं, मेरा अपहरण हुआ है
AISA की अध्यक्ष नेहा वोरा को दिल्ली पुलिस ने एक बार फिर ताब्यात में ले लिया है। यह आंदोलन दिल्ली के अशोक रोड पर चल रहा है, जिसमें चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही है। रविवार, 4 अक्टूबर को नेहा वोरा ने अपने एक्स अकाउंट पर पोस्ट करके दिल्ली पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए।
नेहा वोरा का दावा है कि दिल्ली पुलिस उन्हें एक गाड़ी में ले जा रही है और यह सिर्फ डिटेंशन नहीं, बल्कि उनका अपहरण है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि दिल्ली पुलिस नेहा को अपने आप कहां ले जा रही है। इससे पहले 3 अक्टूबर को भी उन्हें डिटेन किया गया था।
AISA के आधिकारिक एक्स अकाउंट से भी एक पोस्ट आई। उसमें दावा किया गया कि AISA अध्यक्ष नेहा बोरा को दिल्ली पुलिस ने एक अनधिकृत गाड़ी में उठाया है, जिसमें एक भी महिला कांस्टेबल नहीं है। पोस्ट के मुताबिक उन्हें नहीं पता कि नेहा को कहां ले जाया जा रहा है और उनका ठिकाना मालूम नहीं है। उसमें यह भी लिखा गया कि @DelhiPolice ने हर हद पार कर दी है।
नेहा वोरा के डिटेंशन के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। कुछ लोगों का दावा है कि जिस गाड़ी में उन्हें ले जाया जा रहा है, उसमें महिला पुलिसकर्मी नहीं दिख रही हैं। सोशल मीडिया पर सवाल उठ रहे हैं कि किसी महिला आंदोलनकारी को हिरासत में लेते समय महिला पुलिस का मौजूद होना जरूरी है या नहीं। यह सवाल भी पूछा जा रहा है कि नेहा वोरा को दोबारा ताब्यात में लेने का कानूनी आधार क्या है।
नेहा वोरा को दूसरी बार डिटेन किए जाने के दावे के बाद इस कार्रवाई के कानूनी आधार पर भी चर्चा शुरू हो गई है। पुलिस ने उन्हें किस वजह से हिरासत में लिया और उन्हें कहां ले जाया जा रहा है, इस बारे में साफ जानकारी सामने आना जरूरी है। नेहा वोरा की पोस्ट में लगाए गए आरोपों के बाद इस मामले में दिल्ली पुलिस का आधिकारिक पक्ष अहम होगा।
आंदोलन में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ ACP विवेक भगत की गिरफ्तारी की मांग भी की जा रही है। बताया गया है कि आंदोलन तेज होने के बाद हालात को काबू में रखने के लिए रैपिड एक्शन फोर्स यानी RAF के जवान तैनात किए गए हैं। इससे पहले आंदोलन की जगह पर CRPF के जवान तैनात थे। आंदोलन और तीखा होने पर सुरक्षा इंतजाम बढ़ा दिए गए हैं।
आंदोलन करने वाले चुनाव आयोग के कामकाज पर सवाल उठाते हुए ज्ञानेश कुमार से इस्तीफा मांग रहे हैं। साथ ही ACP विवेक भगत पर कार्रवाई की मांग भी आंदोलनकारियों की ओर से की जा रही है। पुलिस की कार्रवाई, नेहा वोरा के डिटेंशन और उनके लगाए गंभीर आरोपों की वजह से यह मामला काफी चर्चा में आ गया है।