धुळे में सूखे के बीच नेताओं के जन्मदिन पर लावणी और गौतमी पाटील के डांस शो पर बवाल
धुळे जिले में बारिश न होने से किसान भारी सूखे की चपेट में हैं, वहीं सत्ताधारी और विपक्ष के बड़े नेताओं ने अपने और अपने बच्चों के जन्मदिन पर लावणी और मनोरंजन के भव्य कार्यक्रम रखे, जिससे इलाके में राजनीतिक माहौल गरमा गया है।
धुळे जिले में इस साल बारिश ने साथ छोड़ दिया, जिसकी वजह से खरीफ सीजन की फसलें पूरी तरह जलकर खाक हो गई हैं और किसान गहरे सूखे के साये में जी रहे हैं। धुळे जिले को तुरंत सूखाग्रस्त घोषित करने की मांग को लेकर किसान और जनप्रतिनिधि लगातार जिलाधिकारी कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन दूसरी तरफ सत्ताधारी और विपक्ष, दोनों पार्टियों के बड़े नेता अपने और अपने बच्चों के जन्मदिन के बहाने लावणी और मनोरंजन के शानदार कार्यक्रम करवा रहे हैं, जिसकी वजह से धुळे में राजनीतिक माहौल काफी गरम हो गया है।
मिली जानकारी के मुताबिक, भाजप नेता और मंत्री जयकुमार रावल के बेटे के जन्मदिन पर लावणी और तरह-तरह के मनोरंजन कार्यक्रम रखे गए थे। इसे लेकर विपक्ष ने उन पर जोरदार निशाना साधा है। विपक्ष का सीधा आरोप है कि धुळे जिले को सूखाग्रस्त सूची में शामिल कराने के लिए रावल को प्रशासनिक स्तर पर कोशिश करनी चाहिए थी, लेकिन इसके बजाय वे किसानों के जख्मों पर नमक छिड़कने का काम कर रहे हैं।
वहीं भाजप नेता कुणाल पाटील के जन्मदिन के मौके पर सीधे मशहूर डांसर गौतमी पाटील के नृत्य का कार्यक्रम आयोजित किया गया। सूखे जैसे हालात में गौतमी पाटील के कार्यक्रम पर पानी की तरह पैसा बहाए जाने से स्थानीय लोगों और किसानों में जबरदस्त गुस्सा है। सोशल मीडिया पर भी इन दोनों नेताओं की जमकर आलोचना हो रही है।
किसान बारिश न होने और फसलों के नुकसान से बुरी तरह परेशान हैं, ऐसे में नेताओं का जन्मदिन और मनोरंजन पर करोड़ों रुपये खर्च करना कितना सही है, यह सवाल अब सीधे तौर पर पूछा जा रहा है। शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) गुट और महाराष्ट्र राज्य किसान सभा के पदाधिकारियों ने इन दोनों नेताओं का सार्वजनिक विरोध दर्ज कराया है।
शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) गुट के धुळे जिलाध्यक्ष नानाभाऊ सोनवणे ने गुस्से में सवाल उठाते हुए कहा कि सूखे में किसान संकट में हैं, पानी और मदद के लिए गुहार लगा रहे हैं, ऐसे वक्त में इस तरह के भद्दे और मनोरंजन वाले कार्यक्रम करवाना बेहद गैरजिम्मेदाराना है।
महाराष्ट्र राज्य किसान सभा के प्रदेशाध्यक्ष हिरालाल परदेशी ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा, "जिले में गंभीर सूखे जैसे हालात बने हुए हैं। जनप्रतिनिधियों को किसानों को मदद दिलाने के लिए पीछा करना चाहिए था, इसके बजाय जन्मदिन के जश्न मनाने में खुद को धन्य मानना किसानों का क्रूर मजाक है।"
धुळे जिले में सिर्फ 65 फीसदी बारिश होने के बावजूद सरकार ने सूखा घोषित नहीं किया, इसे लेकर पूर्व विधायक अनिल गोटे ने महायुती सरकार पर जोरदार हमला बोला। उनका कहना है कि जिले में भीषण सूखे जैसे हालात हैं, ऐसे में भाजप के पूर्व विधायक कुणाल पाटील के जन्मदिन पर गौतमी पाटील के नृत्य का कार्यक्रम रखकर जश्न मनाया जा रहा है।
अनिल गोटे ने गुस्से में कहा कि विपक्ष की मांगों को पूरी तरह नजरअंदाज कर सत्ताधारी लापरवाही दिखा रहे हैं। किसानों के साथ खड़े होने के बजाय नेताओं की तरफ से पैसों की यह बर्बादी और उपेक्षा बेहद शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि आज धुळे का किसान बेबस हो चुका है और पछताने के अलावा उसके पास कुछ नहीं बचा।