धाराशिवः बाल संगोपन योजना का मानधन 13 महीने से अटका, 6086 लाभार्थी परेशान
धाराशिव जिले में क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले बाल संगोपन योजना के तहत हजारों जरूरतमंद परिवारों को अगस्त 2025 से पैसा नहीं मिला है।
धाराशिव जिले में चलने वाली क्रांतिज्योति सावित्रीबाई फुले बाल संगोपन योजना को लेकर एक चिंताजनक बात सामने आई है। इस योजना के तहत मिलने वाला मानधन पिछले साल अगस्त 2025 से जिले के 6 हजार 86 लाभार्थियों को नहीं मिला है। यानी पूरे 13 महीने से पैसा अटका हुआ है, और इस वजह से जरूरतमंद बच्चों के परिवारों के सामने पैसों की दिक्कत खड़ी हो गई है।
यह योजना महिला व बालविकास विभाग के अंतर्गत चलाई जाती है। बताया जा रहा है कि इस योजना का करीब 17 करोड़ 80 लाख 15 हजार 500 रुपये का अनुदान अभी भी अटका हुआ है। योजना के नियम के मुताबिक हर लाभार्थी को हर महीने 2 हजार 250 रुपये मिलते हैं। इस हिसाब से धाराशिव के 6 हजार 86 लाभार्थियों का एक महीने का मानधन 1 करोड़ 36 लाख 93 हजार 500 रुपये बैठता है।
खास बात यह है कि अप्रैल से जुलाई 2025 तक, यानी चार महीनों का मानधन जुलाई अगस्त 2026 में लाभार्थियों के खाते में जमा किया गया था। लेकिन उसके बाद अगस्त 2025 से फंड की कमी के चलते अनुदान रुका हुआ है और अभी तक जमा नहीं हुआ।
अब जो मानधन बाकी है, उसके दिवाली तक जमा होने की उम्मीद जताई जा रही है और इसके लिए प्रक्रिया चल रही है, ऐसा संबंधित लोगों का कहना है। लेकिन जरूरतमंद बच्चों के परिवारों की बात करें तो उनका रोज का खर्च, पढ़ाई, इलाज जैसी जरूरतें पूरी करने में उन्हें पैसों की सच में दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
इस योजना का फायदा किन बच्चों को मिलता है, यह भी समझना जरूरी है। अनाथ बच्चे, जिनका सिर्फ एक ही पालक है ऐसे बच्चे, जिनके मां या पिता किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हों ऐसे बच्चे, मानसिक रूप से कमजोर या दिव्यांग बच्चे, और जिन परिवारों में मां बाप दोनों दिव्यांग हैं ऐसे परिवारों के बच्चों को इस योजना का लाभ मिल सकता है। साथ ही एक ही परिवार के दो बच्चों को भी योजना का फायदा देने का प्रावधान है।
बाल संगोपन योजना से सहारा पाने वाले परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं। ऐसे में 13 महीने से इनका मानधन अटकने से सरकार की इस कल्याणकारी योजना का असली फायदा समय पर नहीं मिल पा रहा। लाभार्थियों की तरफ से संबंधित दफ्तरों में बार बार पैरवी की जा रही है, फिर भी बकाया रकम अभी तक उनके खाते में जमा नहीं हुई है।