धान बोनस पर मुनगंटीवार ने CM फडणवीस से की मुलाकात, विभाग को कार्रवाई के निर्देश
धान उत्पादक किसानों को प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये बोनस की मांग पर मुख्यमंत्री फडणवीस ने अन्न व नागरी आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव को जरूरी कार्रवाई के निर्देश दिए।
मुंबई : धान उगाने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये बोनस मिले, इस मांग को लेकर विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने एक बार फिर सरकार के स्तर पर पैरवी की है। उन्होंने मुंबई में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के सरकारी निवास वर्षा पर उनसे मुलाकात की और धान बोनस की मांग जोर देकर रखी।
मुनगंटीवार की मांग पर ध्यान देते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अन्न व नागरी आपूर्ति विभाग के प्रधान सचिव को जरूरी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। इससे धान बोनस की मांग पर सरकार के स्तर पर आगे की कार्रवाई को अब रफ्तार मिलेगी।
इस मुद्दे की शुरुआत विधानसभा से हुई थी। मुनगंटीवार ने विधानसभा में धान उत्पादक किसानों की दिक्कतें रखीं और बोनस का सवाल सरकार के सामने उठाया। सदन में बात रखने के बाद वे रुके नहीं। संबंधित विभाग, सरकार के स्तर और फैसले की प्रक्रिया तक वे लगातार पैरवी करते रहे। उसी का अगला कदम यह रहा कि आज उन्होंने मुख्यमंत्री फडणवीस से सीधे मिलकर किसानों की मांग फिर दोहराई।
मुनगंटीवार ने यह मांग इस मकसद से की है कि धान उत्पादक किसानों को उत्पादन खर्च के बढ़ते बोझ से राहत मिले, उनकी मेहनत को ठीक आर्थिक सहारा मिले और धान उगाने वालों को प्रोत्साहन मिले। उनकी भूमिका यह है कि किसान के पसीने की कीमत सिर्फ बाजार भाव से नहीं, बल्कि सरकार के सहारे से भी सामने आनी चाहिए।
खबर के मुताबिक, प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये बोनस देने का फैसला होता है तो किसानों के बढ़ते उत्पादन खर्च का कुछ बोझ हल्का होगा। खरीफ सीजन में धान के लिए मेहनत करने वाले किसानों को आर्थिक मदद भी मिलेगी। यह मुद्दा खास तौर पर विदर्भ के उन किसानों के लिए अहम है, जो बड़े पैमाने पर धान की खेती पर निर्भर हैं।
मुनगंटीवार ने कहा, "धान उत्पादक किसान बड़ी मेहनत से फसल लेता है। बढ़ते उत्पादन खर्च और तरह-तरह की दिक्कतों के बीच उसे सरकार का सहारा मिलना जरूरी है। इसीलिए प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये बोनस की मांग मैंने विधानसभा में रखी और उसके बाद भी लगातार पैरवी जारी रखी। आज मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिलकर फिर यह मांग रखी। उन्होंने संबंधित विभाग को कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। धान उत्पादक किसानों को न्याय मिले, यही मेरी भूमिका है।"
विधानसभा से शुरू हुई यह पैरवी अब मुख्यमंत्री के स्तर तक पहुंच गई है। धान उत्पादक किसानों की मांग पर सरकार के अगले फैसले की ओर अब किसानों की नजर लगी है।