छत्रपती संभाजीनगर: महीनेभर के बच्चे की खरीद-फरोख्त का आरोप, मां की शिकायत पर मां-बेटी गिरफ्तार
मुकुंदवाडी इलाके में एक महीने के बच्चे की कथित खरीद-बिक्री का मामला सामने आया, जन्मदात्री मां की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू की और मां-बेटी को गिरफ्तार किया।
छत्रपती संभाजीनगर के मुकुंदवाडी इलाके में एक महीने के बच्चे की कथित तौर पर गैरकानूनी खरीद-बिक्री का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो महिलाओं ने बच्चे के जन्मदात्री मां-बाप को पैसे देकर उनसे बच्चा ले लिया। जब मां ने बच्चा वापस मांगा और नहीं मिला, तो वह पुलिस के पास पहुंची। इसके बाद हुई जांच में कथित लेन-देन की जानकारी सामने आई।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला एक अस्पताल में हुई पहचान से शुरू हुआ। बच्चे की मां 36 साल की है और पिछले कई सालों से मुंबई में रह रही थी। अपने पहले पति से अलग होने के बाद वह एक पुरुष के साथ लिव-इन में रह रही थी। 5 जुलाई को उसने घाटी अस्पताल में बच्चे को जन्म दिया। इसी दौरान उसकी पहचान संजयनगर इलाके की रहने वाली 65 साल की कौशल्या बारकू पवार से हुई। जानकारी के मुताबिक कौशल्या खाना बनाने का काम करती है।
शिकायत के अनुसार, कौशल्या ने मां की पारिवारिक हालत का हवाला देकर उसे समझाने की कोशिश की। बच्चे की देखभाल कैसे होगी, इसकी चिंता जताते हुए उसने कहा कि उसकी बेटी सीमा बच्चे को संभालने के लिए तैयार है, ऐसा आरोप है। शुरुआत में मां ने बच्चा देने से इनकार कर दिया था, लेकिन बाद में उसे और बच्चे के पिता को समझाया गया।
पुलिस जांच के मुताबिक, 8 अगस्त को सीमा अनिल रेशवाल ने 1 लाख 20 हजार रुपये नकद दिए, ऐसा आरोप है। साथ ही बॉन्ड पेपर पर बच्चा देने का लेन-देन लिखवाया गया, यह बात जांच में सामने आई है, ऐसा पुलिस ने बताया। इस तरह बच्चे का ताबा जन्मदात्री मां-बाप से दूसरे व्यक्ति के पास चला गया। लेकिन कुछ दिनों बाद मां को अपने बच्चे की याद सताने लगी और उसने बच्चा वापस मांगना शुरू किया।
मां के बार-बार मांगने पर सीमा रेशवाल ने कहा कि बच्चा फिलहाल उसके पास नहीं है, ऐसा आरोप है। शिकायत में यह भी दर्ज है कि बच्चा रिश्तेदारों के पास होने की बात कहकर टाइम पास किया गया। कई बार गुजारिश करने के बावजूद बच्चा वापस न मिलने पर आखिरकार मां मुकुंदवाडी पुलिस स्टेशन पहुंची। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।
पुलिस निरीक्षक विवेक सोनवणे के मार्गदर्शन में सहायक पुलिस निरीक्षक हरेश्वर घुगे, सहायक फौजदार अशोक कचरे और अमलदार राजाभाऊ कोल्हे ने जांच की। जांच के दौरान बच्चे की कथित खरीद-बिक्री का मामला सामने आया, ऐसा पुलिस ने बताया। इसके साथ ही यह भी पता चला कि सीमा रेशवाल के खिलाफ पहले भी धोखाधड़ी का मामला दर्ज है।
इस मामले में 24 सितंबर को सरकार की ओर से फिर्याद दर्ज कर केस दर्ज किया गया। इसके बाद पुलिस ने सीमा अनिल रेशवाल और उसकी मां कौशल्या बारकू पवार को गिरफ्तार किया। दोनों को कोर्ट में पेश किए जाने के बाद कौशल्या पवार और सीमा रेशवाल को 29 सितंबर तक पुलिस कस्टडी सुनाई गई है, ऐसी जानकारी है। इस बीच बच्चे की फिलहाल किस हालत में देखभाल हो रही है, कथित लेन-देन में और कौन-कौन शामिल है और पैसों का लेन-देन असल में कैसे हुआ, इसकी जांच पुलिस कर रही है। इस मामले में आगे की जांच से और जानकारी सामने आने की संभावना है।