चंद्रपुर में 19 केस वाले गुंडे अमोल ईलमकर पर MPDA, एक साल के लिए स्थानबद्ध
पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी के आदेश पर जिलादंडाधिकारी ने गणेशोत्सव से पहले कार्रवाई की।
चंद्रपुर पुलिस ने आने वाले गणेशोत्सव को देखते हुए सराईत गुंडों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू की है। इलाके में शांति और सुव्यवस्था बनी रहे, इसके लिए यह प्रतिबंधक मुहिम चलाई गई।
पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी के निर्देश पर दुर्गापुर के समतानगर, वार्ड नंबर 6, तहसील-जिला चंद्रपुर के रहने वाले 26 साल के अमोल आदेश ईलमकर पर MPDA (महाराष्ट्र झोपडपट्टी गुंडे, हातभट्टीवाले, धोकादायक व्यक्ति आदि विघातक कृत्य प्रतिबंधक अधिनियम, 1981, संशोधन 2009 और 2015) कानून के तहत कार्रवाई की गई है। जिलादंडाधिकारी ने उसे एक साल के लिए स्थानबद्ध करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया है।
अमोल ईलमकर पर दुर्गापुर, रामनगर, बल्लारशाह, घुग्घूस और मूल पुलिस स्टेशन में चोरी, घरफोड़ी, खून की कोशिश, मारपीट, गाली-गलौज और आर्म्स एक्ट के तहत कुल 19 गंभीर केस दर्ज हैं। लगातार गुनाहों की वजह से उसने आसपास के लोगों में खासा खौफ पैदा कर रखा था। इससे पहले भी उस पर कई बार प्रतिबंधक कार्रवाई हो चुकी थी, लेकिन उसने अपनी हरकतें बंद नहीं कीं। आखिर में उसके बढ़ते उपद्रव को पुलिस अधीक्षक ने गंभीरता से लिया।
पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी ने अमोल ईलमकर के खिलाफ स्थानबद्धता का प्रस्ताव तैयार करके जिलादंडाधिकारी वसुमना पंत के पास भेजा। इस प्रस्ताव पर गौर करते हुए जिलादंडाधिकारी ने 17 सितंबर को अमोल ईलमकर को एक साल के लिए स्थानबद्ध करने का आदेश दे दिया।
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी और अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे के मार्गदर्शन में हुई। इसमें उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद चौगुले (चंद्रपुर), उपविभागीय पुलिस अधिकारी सत्यजित आमले (मूल), स्थानीय गुनाह शाखा के पुलिस निरीक्षक अमोल काचोरे, दुर्गापुर थाने के थानेदार संतोष शेंगावकर, मूल थाने के थानेदार विजय राठोड और सहायक पुलिस निरीक्षक योगेश खरसान शामिल रहे। पुलिस की इस कड़ी कार्रवाई के बाद इलाके के सराईत गुंडों में हड़कंप मच गया है, वहीं आम लोगों में सुरक्षा का माहौल बना है।