चंद्रपुर के तुकुम तलाव में घर पर रामनगर पुलिस की रेड, 11 गोवंश छुड़ाए गए
रामनगर पुलिस ने अवैध कत्ल और गोमांस बिक्री की सूचना पर तुकुम तलाव के एक घर पर छापा मारा। दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है।
चंद्रपुर शहर के तुकुम तलाव इलाके में रामनगर पुलिस ने एक घर पर छापा मारकर 11 गोवंश को छुड़ाया। अवैध कत्ल और गोमांस बिक्री की जानकारी मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने मौके से 1 लाख 73 हजार 192 रुपये का माल जब्त किया है। इस मामले में दो आरोपियों के खिलाफ रामनगर पुलिस स्टेशन में केस दर्ज हुआ है।
पुलिस के मुताबिक चंद्रपुर के पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी ने रामनगर पुलिस स्टेशन की प्रभारी अधिकारी और पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके को निर्देश दिए थे। निर्देश यह था कि शहर में गोवंश के अवैध कत्ल और गोमांस की बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए। इन्हीं निर्देशों के तहत रामनगर पुलिस स्टेशन की शोध पथक के अधिकारी और अंमलदार संदिग्ध जगहों की जानकारी जुटा रहे थे।
इसी दौरान एक गुप्त मुखबिर से पुलिस को खबर मिली। खबर के मुताबिक तुकुम तलाव के रहने वाले अब्दुल अनीस अब्दुल नबी कुरेशी (उम्र 46) और नफान अब्दुल अनीस कुरेशी (उम्र 21) अपने रहने के घर में अवैध कत्ल के लिए गोवंश को बांधकर रखे हुए हैं। यह भी बताया गया कि दोनों घर में ही गोमांस बेच रहे हैं। पुलिस ने इन दोनों को आरोपी बनाया है।
सूचना मिलते ही रामनगर पुलिस की टीम ने फौरन छापे की तैयारी की। 4 अक्टूबर 2026 को पुलिस ने पशुवैद्यकीय अधिकारी और पंचों को साथ लेकर तुकुम तलाव के उस घर पर छापा मारा। घर के अंदर गोमांस मिला। मांस बेचने में काम आने वाला सामान भी मिला, जैसे वजनकाटा, सत्तूर और लकड़ी का कुंडा। इसके अलावा बांधकर रखे गए 11 नर जानवर (गोरे) भी वहां मिले।
पुलिस ने मौके से 1,73,192 रुपये के माल के साथ 11 गोवंश को छुड़ाया। सारा सामान पंचों की मौजूदगी में जब्त किया गया।
आरोपियों के खिलाफ रामनगर पुलिस स्टेशन में महाराष्ट्र प्राणी रक्षण (सुधारणा) अधिनियम 1995 की धारा 5 (क) और 9 के तहत मामला दर्ज हुआ है। साथ ही प्राणियों के साथ निर्दयता से बर्ताव करने पर प्रतिबंध अधिनियम 1959 की धारा 11 (1) (ड) और अन्न सुरक्षा और मानक कानून 2006 की धारा 31 और 63 भी लगाई गई हैं।
यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक आयुष नोपानी, अपर पुलिस अधीक्षक ईश्वर कातकडे, उपविभागीय पुलिस अधिकारी कुमार सुशांत और उपविभागीय पुलिस अधिकारी प्रमोद चौगुले के मार्गदर्शन में हुई। इसे पुलिस निरीक्षक प्रभावती एकुरके, सहायक पुलिस निरीक्षक शिवाजी नागवे और हनुमान उगले, पुलिस उपनिरीक्षक कृष्णा दराडे और शोध पथक के अंमलदारों ने पूरा किया।