चंद्रपुर जिले से बाहर चारा ले जाने पर रोक, कलेक्टर वसुमना पंत का आदेश
चंद्रपुर जिले के 12 तालुकों में ट्रिगर-1 सूखा घोषित होने के बाद जिले से बाहर चारा ले जाने और बेचने पर रोक लगाई गई है।
चंद्रपुर जिले में चारे की ढुलाई पर रोक लगा दी गई है। जिलाधिकारी वसुमना पंत ने इसका आदेश जारी किया है। आदेश के मुताबिक अब जिले के बाहर या राज्य के बाहर सूखा और गीला चारा ले जाना और बेचना मना है।
रोक की वजह यह है कि जिले के 12 तालुकों में ट्रिगर-1 सूखा घोषित हो चुका है। महाराष्ट्र सरकार के राहत और पुनर्वसन विभाग के शासन निर्णय के हिसाब से यह घोषणा हुई है। आगे चारे की कमी न हो, इसलिए जिला प्रशासन ने यह एहतियाती कदम उठाया है।
प्रशासन का कहना है कि अभी जिले में जो चारा पैदा होता है, उसके दूसरे जिलों में और सीमा से सटे इलाकों से राज्य के बाहर बड़े पैमाने पर बिकने के लिए भेजे जाने की संभावना है। ऐसा हुआ तो आने वाले दिनों में जिले में चारे की गंभीर कमी हो सकती है। इससे पशुओं की जान को खतरा हो सकता है और कानून व्यवस्था का सवाल भी खड़ा हो सकता है। इसी बात को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
कलेक्टर के आदेश में चंद्रपुर जिले की राजस्व सीमा से किसी दूसरे जिले में या राज्य के बाहर हरा चारा, कडबा, हर तरह की कुट्टी, भूसा, टीएमआर और बाकी सभी तरह के पशु आहार की ढुलाई और बिक्री पर सख्त मनाही है।
हालांकि सरकारी योजना के तहत होने वाली चारा ढुलाई को इस आदेश से छूट रहेगी। पशुसंवर्धन विभाग या जिला प्रशासन ने जिस चारा ढुलाई को अधिकृत मंजूरी दी है, उस पर भी रोक लागू नहीं होगी।
आदेश तोड़ने वाले पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 (बीएनएस) की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई होगी। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 की धारा 163 के तहत निकला है। यह 1 अक्टूबर 2026 से अगला आदेश आने तक लागू रहेगा।
जिला प्रशासन ने नागरिकों, किसानों, व्यापारियों और चारा ढोने वालों से अपील की है कि वे आदेश का पूरी तरह पालन करें, ताकि जिले के पशुओं के लिए जरूरी चारा बना रहे।