चंद्रपुर: इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल के खाने में मरे चूहे और कीड़े मिले, छात्रों का अनशन
चंद्रपुर के बाबूपेठ इलाके में राजीव गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में खाने की क्वालिटी को लेकर छात्रों ने 24 घंटे से खाना बंद कर दिया है।
चंद्रपुर के बाबूपेठ इलाके में स्थित राजीव गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज के हॉस्टल में रहने वाले छात्रों की जान और सेहत के साथ खिलवाड़ का बड़ा मामला सामने आया है। मेस के खाने में बार-बार गंदगी मिलने से परेशान छात्रों ने आखिरकार सख्त रुख अपनाते हुए कॉलेज की सीढ़ियों पर बैठकर अनशन शुरू कर दिया है।
हॉस्टल के छात्रों के मुताबिक पिछले कई दिनों से मेस में बहुत ही घटिया क्वालिटी का खाना परोसा जा रहा है। कुछ दिन पहले छात्रों की थाली में झींगुर मिला था, तो उसके बाद नाश्ते में मरे हुए कीड़े और दाल में इल्लियां मिली थीं। लेकिन मामला यहीं नहीं रुका। आज सीधे खाने में चूहे की विष्ठा और मरे हुए चूहे के अवशेष मिलने से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा।
अपनी सेहत के साथ हो रहे इस खतरनाक खिलवाड़ को देखकर छात्रों ने मेस के खाने का पूरी तरह बहिष्कार कर दिया है। पिछले 24 घंटों से कई छात्रों ने अन्न का एक दाना भी नहीं खाया और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ जोरदार आंदोलन छेड़ रखा है।
हॉस्टल के छात्रों ने प्रशासन से बार-बार शिकायत की, लेकिन हालात में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके उलट छात्रों का गंभीर आरोप है कि खाना सप्लाई करने वाले लापरवाह ठेकेदार पर सख्त कार्रवाई करने की बजाय कॉलेज प्रशासन उसी का पक्ष ले रहा है। इसी वजह से आंदोलन कर रहे छात्रों की मांग है कि इस ठेकेदार को तुरंत हटाया जाए और उन्हें साफ, सुरक्षित और अच्छी क्वालिटी का खाना दिया जाए।
वहीं दूसरी तरफ इस पूरे मामले की गंभीरता समझने की बजाय कॉलेज प्रशासन ने बेहद गैरजिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए अजीब सफाई दी है। प्रशासन का कहना है कि हॉस्टल में रोजाना 300 से 400 छात्राओं के लिए बड़े पैमाने पर खाना बनाया जाता है, इसलिए इतनी बड़ी मात्रा में खाना बनाते समय कोई कीड़ा मिल जाना बिल्कुल सामान्य बात है। इस तरह की बात कहकर प्रशासन ने इस गंभीर घटना को नजरअंदाज करने की कोशिश की है।