चाकण-हिंजवडी के जाम पर कलेक्टर डुडी की बैठक, अफसरों को तुरंत कार्रवाई के निर्देश
पुणे के जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने चाकण और हिंजवडी औद्योगिक इलाके की ट्रैफिक, गड्ढों और नालों की समस्या पर टास्क फोर्स समिति के जरिए समीक्षा की।
पुणे: चाकण और हिंजवडी औद्योगिक इलाके में ट्रैफिक जाम लगातार बढ़ रहा है। सड़कों पर गड्ढे हैं, बारिश के पानी की निकासी ठीक नहीं है, नालों पर अतिक्रमण है, और सड़क चौड़ीकरण, जंक्शन, यू-टर्न और सार्वजनिक परिवहन के सवाल भी बाकी हैं। इन सब पर ठोस उपाय करने के लिए जिलाधिकारी जितेंद्र डुडी ने उच्चस्तरीय टास्क फोर्स समिति के जरिए समीक्षा की। उन्होंने कहा कि संबंधित विभाग सर्वे, नियोजन और जरूरी कार्रवाई तुरंत पूरी करें और उसका एक्शन प्लान तैयार रखें।
जिलाधिकारी कार्यालय में हुई इस बैठक में निवासी उपजिलाधिकारी और समिति की सदस्य सचिव ज्योती कदम और पुलिस उपायुक्त विक्रांत देशमुख मौजूद थे। इनके साथ एमआयडीसी, महापालिका, पुलिस, महामार्ग और दूसरे संबंधित विभागों के अधिकारी भी आए थे।
नालों को अतिक्रमण से मुक्त करने पर खास जोर रहा। डुडी ने कहा कि चाकण इलाके के नालों का सर्वे करके अतिक्रमण की जानकारी जमा की जाए और उसे हटाने की कार्रवाई की जाए। अस्थायी अतिक्रमण तुरंत हटाए जाएं। अवैध निर्माण पर नियम के मुताबिक कार्रवाई करके नाले खुले कराए जाएं। अगर इजाजत लेकर बने निर्माण की वजह से नाले का बहाव रुक रहा हो, तो नाले को दूसरे रास्ते से मोड़ने के लिए जरूरी जगह की योजना बनाई जाए, यह भी उन्होंने साफ किया। एमआयडीसी और पीएमआरडीए से कहा गया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के नालों का सर्वे करें और अतिक्रमण की अलग जानकारी जमा करें।
राष्ट्रीय महामार्ग पर डिवाइडर, यू-टर्न और जंक्शन तय करते समय असल ट्रैफिक डेटा, गाड़ियों की दिशा और आगे बढ़ने वाले ट्रैफिक का अध्ययन करने को कहा गया। डुडी ने निर्देश दिया कि ट्रैफिक सिमुलेशन के आधार पर सिर्फ जरूरी जगहों पर ही अधिकृत यू-टर्न और जंक्शन तय किए जाएं। सड़कों की बनावट में मौजूदा और भविष्य की ट्रैफिक क्षमता का ध्यान रखा जाए। बैठक में ट्रैफिक मैनेजमेंट के लिए आयटीएमएस और ट्रैफिक सिमुलेशन का असरदार इस्तेमाल करने पर भी जोर दिया गया।
हिंजवडी और चाकण की सड़कों के गड्ढे तुरंत भरने को कहा गया। लेकिन डुडी ने साफ किया कि सिर्फ गड्ढे भरने से काम नहीं चलेगा। सड़कों पर जमा होने वाले बारिश के पानी की ठीक निकासी के लिए स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है।
राष्ट्रीय महामार्ग और सर्विस रोड पर बसें और दूसरी गाड़ियां गैरकानूनी तरीके से रुकने से जाम लगता है। इसलिए ध्यान रखा जाए कि गाड़ियां सिर्फ अधिकृत बस स्टॉप और तय बस डिपो में ही रुकें। अवैध स्टॉप और पार्किंग के खिलाफ पुलिस प्रशासन कार्रवाई करे, ऐसे निर्देश दिए गए।
बैठक में एमएनजीएल, महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल और दूसरी संबंधित एजेंसियों की पाइपलाइन से जुड़े सवालों और नदी प्रदूषण की समस्या की भी समीक्षा हुई। संबंधित विभागों से कहा गया कि वे आपसी तालमेल से जरूरी कार्रवाई करें। इसके अलावा गणेशोत्सव की वजह से रोकी गई अतिक्रमण विरोधी कार्रवाई तुरंत फिर शुरू करने और जरूरी जगह उपलब्ध कराने के निर्देश भी जिलाधिकारी डुडी ने अधिकारियों को दिए।