बुलेट ट्रेन का ड्राइवर बनना है? जानिए HSR पायलट की योग्यता, चयन और सैलरी
मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए HSR पायलट की भर्ती सीधे अनुभवी रेलवे और मेट्रो कर्मचारियों में से होती है, फ्रेशर्स के लिए यह पद नहीं है।
देश की पहली बुलेट ट्रेन यानी मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्सुकता बनी हुई है, और इसी के साथ कई युवाओं के मन में यह सवाल भी आ रहा है कि आखिर बुलेट ट्रेन का ड्राइवर बनने का प्रोसेस क्या है। इस पूरे प्रोजेक्ट का संचालन नेशनल हाई स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड यानी एनएचएसआरसीएल कर रहा है, और यही संस्था बुलेट ट्रेन चालकों की भर्ती करती है, जिन्हें आधिकारिक तौर पर एचएसआर पायलट कहा जाता है।
आम बोलचाल में भले ही इसे ड्राइवर कहा जाता हो, लेकिन असल पद का नाम एचएसआर पायलट है। सबसे जरूरी बात यह है कि यह पद सीधे फ्रेशर यानी नए उम्मीदवारों के लिए नहीं खुलता। इसके बजाय भारतीय रेलवे और मेट्रो सिस्टम में पहले से काम कर रहे अनुभवी स्टाफ को ही इसका मौका दिया जाता है। एनएचएसआरसीएल सीधी भर्ती के जरिए रेलवे और मेट्रो में काम कर चुके योग्य और अनुभवी उम्मीदवारों को इस पद के लिए चुनता है।
चयन प्रक्रिया की बात करें तो आवेदन देने के बाद सबसे पहले उम्मीदवारों के कागजात चेक किए जाते हैं। इसमें पास होने वाले उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। कई बार भर्ती में लिखित परीक्षा या कोई और टेस्ट भी शामिल किया जाता है, इसलिए हर भर्ती का ऑफिशियल नोटिफिकेशन ध्यान से पढ़ना जरूरी होता है। जिन उम्मीदवारों का सिलेक्शन होता है, उन्हें हाई-स्पीड ट्रेन चलाने की तकनीकी बारीकियां सिखाने के लिए खास ट्रेनिंग दी जाती है।
आवेदन कहां और कैसे करना है, इसका जवाब यह है कि बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट से जुड़ी सारी भर्तियों के लिए एनएचएसआरसीएल की ऑफिशियल वेबसाइट nhsrcl.in पर ही अप्लाई करना होता है। जब भी एचएसआर पायलट या किसी और पद की भर्ती निकलती है, उसकी पूरी जानकारी और नोटिस इसी वेबसाइट के करियर सेक्शन में डाली जाती है। इसलिए जो उम्मीदवार इसमें दिलचस्पी रखते हैं, उन्हें समय-समय पर इस वेबसाइट को चेक करते रहना चाहिए।
सैलरी की बात करें तो बुलेट ट्रेन के ड्राइवर की सैलरी उसके अनुभव और सर्विस सीनियरिटी के हिसाब से तय होती है। हाल ही में हुई भर्ती प्रक्रिया के मुताबिक इस पद के लिए हर महीने Rs 40,000 से लेकर Rs 1,10,000 या उससे भी ज्यादा सैलरी दी जाती है, जिसमें अलग-अलग तरह के भत्ते भी जुड़े होते हैं।
भारतीय रेलवे के आम लोको पायलट को मिलने वाली औसत सैलरी करीब Rs 59,800 प्रति महीना है, और उसके मुकाबले यह पैकेज काफी आकर्षक माना जा रहा है। यही वजह है कि रेलवे और मेट्रो में काम कर रहे कई अनुभवी लोको पायलट और ट्रेन ऑपरेटर इस पद के लिए अप्लाई करने को उत्सुक हैं।