भिंगार में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान मंडल अध्यक्ष की मौत, पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप
अहिल्यानगर के भिंगार इलाके में गणेश विसर्जन जुलूस के दौरान मंडल अध्यक्ष दीपक वाघस्कर की मौत हो गई, कार्यकर्ताओं और विधायक ने पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप लगाया है।
अहिल्यानगर के भिंगार उपनगर में गणेशोत्सव के दौरान गणेश विसर्जन जुलूस निकल रहा था, तभी एक घटना ने पूरे इलाके का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। शुक्लेश्वर तरुण गणेश मंडल के अध्यक्ष दीपक वाघस्कर की इस जुलूस के दौरान मौत हो गई। इस मौत के बाद मंडल के कार्यकर्ताओं और विधायक संग्राम जगताप ने आरोप लगाया कि जुलूस के दौरान पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया था।
कार्यकर्ताओं का दावा है कि इसी लाठीचार्ज में वाघस्कर को चोट लगी। हालांकि, उनकी मौत लाठीचार्ज की वजह से हुई या किसी और मेडिकल कारण से, यह अभी साफ नहीं हो पाया है। इसी वजह से भिंगार इलाके में तनाव का माहौल है।
मंडल के कार्यकर्ताओं के मुताबिक, गणेश विसर्जन जुलूस को रात दस बजे तक की इजाजत दी गई थी। लेकिन उनका आरोप है कि रात साढ़े नौ बजे के आसपास पुलिस ने अचानक जुलूस में हल्का लाठीचार्ज कर दिया। कार्यकर्ताओं का कहना है कि इसी कार्रवाई के दौरान दीपक वाघस्कर को चोट लगी। इसके बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान ही उनकी मौत हो गई।
इस घटना के बाद जुलूस के दौरान असल में क्या हुआ, इसे लेकर कई सवाल खड़े हो गए हैं। कार्यकर्ताओं की मांग है कि अगर लाठीचार्ज हुआ तो वह किन हालात में किया गया और उसमें वाघस्कर को ठीक-ठीक कैसी चोट आई, इसकी जांच होनी चाहिए।
वाघस्कर की मौत की खबर मिलते ही उनके समर्थकों और गणेश मंडल के कार्यकर्ताओं में गुस्सा फैल गया। विधायक संग्राम जगताप की अगुआई में अस्पताल के बाहर धरना आंदोलन शुरू कर दिया गया। आंदोलनकारियों ने संबंधित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों पर केस दर्ज करने की मांग की। साथ ही यह भी कहा गया कि इस घटना की गहराई से जांच होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उस पर कार्रवाई की जाए।
विधायक जगताप और कार्यकर्ताओं ने साफ कह दिया है कि जब तक संबंधित पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज नहीं होता, तब तक भिंगार बंद रखा जाएगा और गणेश विसर्जन नहीं होने दिया जाएगा। विधायक जगताप ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर केस दर्ज नहीं हुआ तो शुक्रवार को अहिल्यानगर शहर में होने वाला गणेश विसर्जन भी रुकवा दिया जाएगा। इससे यह आशंका बन गई है कि इस मामले का असर आगे होने वाले विसर्जन जुलूस पर भी पड़ सकता है।
फिलहाल दीपक वाघस्कर की मौत की असली वजह साफ नहीं हो पाई है। उनकी मौत लाठीचार्ज से हुई या किसी और मेडिकल वजह से, इस बारे में डॉक्टरों की तरफ से अभी कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस प्रशासन ने भी इस घटना को लेकर अब तक कोई विस्तृत आधिकारिक रुख साफ नहीं किया है। इस वजह से लाठीचार्ज के आरोप और मौत के बीच सीधा संबंध होने की बात अभी पक्के तौर पर तय नहीं हो पाई है। मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल की स्थिति और पुलिस की जांच से ही इस घटना का असली सिलसिला साफ हो पाएगा। वहीं आंदोलनकारी पुलिस पर लगे आरोपों की जांच कर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की मांग करते रहे हैं।