भीमाशंकर के पास कोंढवळ में मूसलाधार बारिश से दो रास्ते बंद, दरड गिरी
भीमाशंकर के नजदीक कोंढवळ इलाके में बुधवार शाम बिजली की कड़क के साथ हुई तेज बारिश के बाद दरड गिरने और पेड़ गिरने से दो अहम रास्ते बंद हो गए, जिससे करीब दो सौ परिवारों को दिक्कत हो रही है।
श्री क्षेत्र भीमाशंकर के पास कोंढवळ इलाके में बुधवार, 23 तारीख को शाम करीब साढ़े सात बजे बिजली की कड़क-गरज के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हुई। यह तेज बारिश करीब दो से ढाई घंटे तक बरसती रही, जिसकी वजह से पूरे इलाके का जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।
इस भारी बारिश के चलते कोंढवळ-ढगेवाडी रास्ते पर काचळ घाट में दरड गिर गई, जिससे यह रास्ता वाहनों की आवाजाही के लिए पूरी तरह बंद हो गया। इसी दौरान निगडाळे-भीमाशंकर मार्ग पर कोंढवळ फाटा से कोंढवळ गांव के बीच भी दरड गिरने के साथ-साथ बड़े-बड़े पेड़ उखड़कर रास्ते पर आ गिरे, जिससे यह मार्ग भी बंद हो गया।
काचळ घाट इलाके में दरड गिरने से रास्ते पर बड़ी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और मुरूम जमा हो गया है, जिसकी वजह से कोंढवळ से ढगेवाडी की तरफ जाने वाली आवाजाही पूरी तरह ठप पड़ गई है। इस रास्ते से सफर करने वाले लोगों को इसकी वजह से भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है।
दोनों रास्ते बंद होने से कोंढवळ, शिंदेवाडी और गवांदेवाडी इलाके के निवासियों को बड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। इन दोनों रास्तों से इलाके के करीब दो सौ परिवारों की रोजाना आवाजाही होती है। रास्ते बंद होने से स्टूडेंट्स, किसान, काम-धंधे के लिए बाहर जाने वाले लोग और जरूरी काम से सफर करने वालों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
तेज बारिश की वजह से रास्ते पर मिट्टी, पत्थर और पेड़ गिरने से लोगों को इस रास्ते से आते-जाते समय एहतियात बरतने की जरूरत है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि संबंधित प्रशासन घटनास्थल पर जाकर मुआयना करे और दरड तथा गिरे हुए पेड़ों को जल्द से जल्द हटाकर दोनों रास्तों को आवाजाही के लिए फिर से खोले। ग्रामपंचायत ने जेसीबी की मदद से पेड़ और दरड हटाकर रास्ता शुरू करने का काम भी शुरू कर दिया है।
दूसरी तरफ, बुधवार, 23 तारीख की रात को भीमाशंकर इलाके में हुई अतिवृष्टि के बाद कोंढवळ धबधबा एक बार फिर जोर से बहने लगा है। करीब सवा महीने के ठहराव के बाद भीमाशंकर इलाके में तेज बारिश होने से पहाड़ी इलाके के ओढे-नाले फिर से बहने लगे, जिसका असर कोंढवळ धबधबे पर भी दिखा। पिछले एक महीने से बारिश न होने की वजह से इस धबधबे में पानी का बहाव काफी कम हो गया था, जिससे इसका आकर्षण भी कुछ फीका पड़ गया था। लेकिन बुधवार रात हुई तेज बारिश की वजह से आसपास के जलागम क्षेत्र से बड़ी मात्रा में पानी धबधबे की तरफ आया, जिससे कोंढवळ धबधबा फिर तेजी से बहने लगा है।
धबधबा फिर से बहने की खबर मिलते ही टूरिस्टों की भीड़ बढ़ने लगी है। धबधबे का खूबसूरत नजारा देखने के लिए टूरिस्ट आ रहे हैं, लेकिन पानी का बढ़ा हुआ बहाव और फिसलन भरे इलाके को देखते हुए वन विभाग ने सुरक्षा की वजह से लोगों को धबधबे में उतरने से मना कर दिया है।