भर्ती परीक्षा में सुधार पर सुझाव मांगे, समिति १६ सितंबर को नागपुर आएगी
विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने नागरिकों, छात्रों और संबंधित लोगों से भर्ती परीक्षा प्रक्रिया पर अपने सुझाव देने की अपील की है।
राज्य की सरकारी भर्ती परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए बनी उच्चस्तरीय समिति के अध्यक्ष और सदस्य बुधवार, १६ सितंबर २०२६ को सुबह ११ बजे नागपुर आ रहे हैं। ये लोग सदर पुलिस स्टेशन के पीछे, सिविल लाइन्स स्थित नियोजन भवन में एक संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। विभागीय आयुक्त विजयलक्ष्मी बिदरी ने अपील की है कि नागपुर महसूल विभाग से जुड़े सभी लोग इस प्रक्रिया में उत्साह से भाग लें और अपने सुझाव व अभिप्राय समिति के सामने रखें। उनके मुताबिक यह मामला राज्य भर के प्रतियोगी परीक्षार्थियों के भविष्य से जुड़ा हुआ है।
बिदरी ने यह बात आज विभागीय आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में आढावा बैठक के दौरान कही। इस बैठक में जिलाधिकारी कुमार आशीर्वाद, अपर आयुक्त प्रदीप कुलकर्णी और जिला शल्य चिकित्सक निवृत्ती राठोड मौजूद थे, जबकि माहिती व जनसंपर्क कार्यालय के संचालक डॉ. गणेश मुळे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े थे। मनपा और संबंधित विभागों के अधिकारी भी इस बैठक में शामिल हुए।
महाराष्ट्र सरकार ने यह उच्चस्तरीय समिति इसलिए बनाई है ताकि राज्य की सरकारी भर्ती परीक्षाएं ज्यादा सुरक्षित, पारदर्शक, भरोसेमंद और उम्मीदवार-केंद्रित बन सकें, और परीक्षाओं में होने वाली गड़बड़ियों पर रोक लग सके। समिति ने राज्य के हर महसूल विभाग के छात्रों, प्रतियोगी परीक्षार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, शैक्षणिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों, कोचिंग क्लासेस, अभ्यासिका चलाने वालों, जनप्रतिनिधियों, नागरिकों और अन्य संबंधित लोगों से परीक्षा प्रणाली में सुधार को लेकर सुझाव मांगे हैं। इसी कड़ी में समिति के अध्यक्ष और सदस्य १६ सितंबर को सिविल लाइन्स स्थित नियोजन भवन आएंगे। इससे पहले नागपुर विभाग के लोगों से सुझाव जमा करने के लिए जिलाधिकारी कार्यालय, नागपुर में एक विशेष कक्ष बनाया गया है, जो मंगलवार, १५ सितंबर २०२६ को शाम ६ बजे तक चालू रहेगा।
लोग अपने सुझाव और अभिप्राय निवासी उपजिलाधिकारी, जिलाधिकारी कार्यालय, नागपुर के पास जमा करा सकते हैं। सीधे आकर सुझाव देना हो तो जिलाधिकारी कार्यालय की स्वीय शाखा में यह सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा nagpur-examreformstaskforce@maharashtra.gov.in पर ईमेल के जरिए भी लिखित अभिप्राय भेजे जा सकते हैं। जो नागरिक खुद जिलाधिकारी कार्यालय के विशेष कक्ष में नहीं आ सकते, उनसे तय समय सीमा के भीतर ईमेल के जरिए अपने सुझाव भेजने की अपील की गई है।
समिति ने जिन बातों पर सुझाव मांगे हैं उनमें मौजूदा परीक्षा प्रणाली और विभिन्न विभागों, प्राधिकरणों व परीक्षा लेने वाली संस्थाओं के कामकाज का आढावा, परीक्षा को ज्यादा सुरक्षित, निष्पक्ष, पारदर्शक और उम्मीदवार-केंद्रित बनाने के उपाय, प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर नतीजे आने तक की सुरक्षा, प्रश्नपत्र का मॉडरेशन, डिजिटल या छपा हुआ वितरण, गोपनीय ट्रांसपोर्ट, परीक्षा केंद्रों का प्रबंधन, रिस्पॉन्स रजिस्ट्रेशन और मूल्यांकन शामिल हैं।
इसके अलावा बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण, एंट्री कंट्रोल, ऑडिट ट्रेल्स और सीसीटीवी निगरानी जैसी सूचना तकनीक के असरदार इस्तेमाल पर भी सुझाव मांगे गए हैं, साथ ही पेपर लीक, गोपनीयता भंग, फर्जी कैंडिडेट, मिलीभगत और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के गलत इस्तेमाल को रोकने के लिए एहतियाती उपाय और जिम्मेदारी तय करने को लेकर भी। दूसरे राज्यों या देशों की सफल और आधुनिक परीक्षा प्रणालियों का अध्ययन, परीक्षा केंद्रों के लिए न्यूनतम बुनियादी ढांचा और सुरक्षा मानक, जिलाधिकारी कार्यालय, पुलिस यंत्रणा, शिक्षा विभाग और परीक्षा संस्थाओं के बीच तालमेल, और उम्मीदवारों के लिए तेज व पारदर्शक शिकायत निवारण प्रणाली को लेकर भी सुझाव दिए जा सकते हैं।
जिलाधिकारी कार्यालय के जरिए मिलने वाले सभी सुझाव और अभिप्राय इकट्ठा कर सरकार की उच्चस्तरीय समिति को सौंपे जाएंगे। समिति इन सुझावों और सिफारिशों का गहराई से अध्ययन कर राज्य सरकार को एक व्यापक अंतिम रिपोर्ट देगी। इसी वजह से सभी संबंधित लोगों से अपने सुझाव और अभिप्राय समिति के सामने रखने की अपील की गई है।
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