बारिश कम होने से खरीफ फसलों पर बड़ा असर, किसानों की पैदावार घटी
जलगांव के चोपड़ा तालुका में कम बारिश की वजह से मक्का और सोयाबीन की आवक पिछले साल से कम दिख रही है।
इस साल महाराष्ट्र में बारिश कम रही, और इसका बड़ा असर किसानों की फसलों पर पड़ा है। किसानों की पैदावार घट गई है। जलगांव जिले के चोपड़ा तालुका के किसानों की खरीफ की फसलें इससे खास तौर पर प्रभावित हुई हैं। वहां मक्के की पैदावार में भारी गिरावट दिख रही है, और इसका असर मक्के के दाने भरने पर भी पड़ा है।
किसान अपने खेत का मक्का बेचने के लिए कृषि उत्पन्न बाजार समिति में ला रहे हैं। जलगांव के चोपड़ा की कृषि उत्पन्न बाजार समिति में मक्का और सोयाबीन की आवक रोज हो रही है। फिलहाल समिति में सोयाबीन की आवक करीब 250 क्विंटल तक है, जबकि मक्के की आवक करीब 2 हजार क्विंटल तक पहुंच रही है। पिछले साल के मुकाबले इस बार बारिश की कमी की वजह से मक्का और सोयाबीन, दोनों की आवक कम दिख रही है।
आवक कम होने का असर भाव पर भी दिख रहा है। बाजार समिति में मक्के को 1700 से 2000 हजार के भाव मिल रहे हैं। सोयाबीन को 05 हजार से 5800 रुपये प्रति क्विंटल तक भाव मिलने की जानकारी बाजार समिति के किसानों ने दी है। इन्हीं किसानों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस बार मक्का, सोयाबीन और दूसरी उपज पर असर पड़ा है।
बात सिर्फ मक्का और सोयाबीन तक नहीं है। राज्य में बारिश कम रहने से किसानों की फसलों पर बड़ा असर हुआ है और उनका उत्पादन घटा है। चोपड़ा तालुका के किसानों की खरीफ फसलें प्रभावित होने से पिछले साल के मुकाबले इस साल मक्के की आवक कम हुई है, और इसी वजह से मक्के की पैदावार पर भी असर दिख रहा है। मक्के की आवक घटने का असर अब ज्वारी, बाजरा और मूंग की उपज पर भी दिखने लगा है।