मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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19:23 IST

बंगाल के जूट मिल कामगारों को 50 हजार रुपये में मिलेगा नया फ्लैट, PMAY 2.0 के तहत योजना

पश्चिम बंगाल के जूट मिल कामगारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 के तहत सिर्फ 50 हजार रुपये में नया फ्लैट देने की योजना का ऐलान हुआ है।

बंगाल के जूट मिल कामगारों को 50 हजार रुपये में मिलेगा नया फ्लैट, PMAY 2.0 के तहत योजना
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

पश्चिम बंगाल के जूट मिल कामगारों के लिए एक अच्छी खबर है। बरसों से पुराने और जर्जर क्वार्टरों में रह रहे कामगारों को अब सिर्फ 50 हजार रुपये में नया और पक्का फ्लैट मिलेगा। राज्य के परिवहन और कामगार मंत्री अर्जुन सिंह ने 'प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0' (PMAY 2.0) के तहत इस खास हाउसिंग स्कीम का ऐलान किया है। यह योजना केंद्र और राज्य सरकार मिलकर चलाएंगी।

प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक एक फ्लैट बनाने पर कुल 5.50 लाख रुपये का खर्च आएगा। कामगार को इसमें से सिर्फ 50 हजार रुपये देने होंगे। बाकी रकम कई जगह से आएगी। केंद्र सरकार 1.50 लाख रुपये का अनुदान देगी, राज्य सरकार 2.79 लाख रुपये देगी और श्रम विभाग का हिस्सा 71 हजार रुपये होगा।

फ्लैट का कार्पेट एरिया 320 से 450 स्क्वेअर फीट रहेगा। हर फ्लैट में 2 कमरे, 1 किचन और 1 शौचालय या बाथरूम होगा। इमारतें G+3 यानी चार मंजिला बनेंगी, जिसमें हर मंजिल पर 4 फ्लैट होंगे। इस हिसाब से एक इमारत में कुल 16 फ्लैट होंगे। जिस परिवार में कोई बुजुर्ग या दिव्यांग सदस्य है, उसे इमारत की निचली मंजिल पर प्राथमिकता दी जाएगी।

योजना का फायदा लेने के लिए कुछ शर्तें रखी गई हैं। आवेदक आर्थिक रूप से कमजोर तबके का होना चाहिए और उसके परिवार की सालाना आमदनी 3 लाख रुपये तक होनी चाहिए। आवेदक या उसके परिवार के किसी भी सदस्य के नाम पर कहीं भी पक्का घर नहीं होना चाहिए। पिछले 20 साल में केंद्र या राज्य सरकार की किसी भी हाउसिंग स्कीम का फायदा न लिया हो। इस योजना में मिला फ्लैट अगले 5 साल तक बेचा नहीं जा सकेगा।

शुरुआत में यह योजना पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर उत्तर 24 परगना और हुबळी जिलों में शुरू की जा रही है। उत्तर 24 परगना में भाटपाड़ा, टीटागढ़ और कामारहाटी की नगरपालिकाओं से कहा गया है कि वे जमीन देखकर उसका चयन करें।

पात्र कामगारों का चयन जिला प्रशासन, महापालिका, कामगार विभाग, जूट मिल प्रबंधन और ट्रेड यूनियनों के प्रतिनिधियों के तालमेल से होगा। अब तक 4000 से ज्यादा कामगार आवेदन कर चुके हैं। इन आवेदनों की छानबीन के बाद पात्र लाभार्थियों की लिस्ट जारी की जाएगी। आगे ऑनलाइन वेब पोर्टल पर भी आवेदन की सुविधा दी जाएगी।

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