बंदर मां-बेटे की मौत, शव ले जाने के लिए अड़ा झुंड
नागपुर में इंसानियत और मूक जीवों के बीच भावनाओं का एक ऐसा दृश्य सामने आया जिसने हर किसी को झकझोर दिया. सड़क हादसे में एक बंदरिया और उसके बच्चे की मौत के दौरान यह दृश्य देखने को मिला. यह घटना सोमवार की सुबह 10.15 हुई.
हितज्योती आधार फाउंडेशन को सूचना मिली कि सावनेर के पाटणसावंगी में सड़क पर एक मां और बच्चे की मौत हो गई है. मौके पर पहुंचने पर बंदरिया और उसके छोटे बच्चे की मौत होने का पता चला. फाउंडेशन के हितेश बनसोड अपनी टिम साथ मौके पर पहुंचे. टिम के सदस्य शव की पूजा करके अंत्येष्टि करने लगे. टिम के सदस्यों द्वारा शव को उठाते ही बंदरों का झुंड पहुंच गया. आवाज करते हुए बंदरों का झुंड टीम की ओर बढ़ने लगा. उन्होंने टिम को घेर लिया. शव उठाने का प्रयास कर रहे सदस्यों पर झपटने लगे. बंदरों के समूह को देखकर ऐसा लग रहा था कि मानो दोनों शव को साथ ले जाने का प्रयास कर रहे है. टिम के काफी मशक्कत के बाद बंदरों का समूह सड़क से हटा. इसके बाद फाउंडेशन ने दोनों शवों की अंत्येष्टि की. इस कार्य में हितज्योती आधार फाउंडेशन के रोहित कश्यप, सुरवीर सिंह और साहेब अंसारी ने सहयोग किया. किवदंती है कि यदि किसी हादसे में बंदर की मृत्यु होती है तो साथी बंदर शव को जंगल में दीमक के टिले के पास रख देते है. दीमक शव को खा जाती है.