मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026

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18:27 IST

बलात्कार केस में नाम आने पर भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार की गिरफ्तारी पर सवाल

शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) के विधायक वरुण सरदेसाई ने पूछा, नरेंद्र पवार को अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया

बलात्कार केस में नाम आने पर भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार की गिरफ्तारी पर सवाल
एआई से बनाई गई प्रतीकात्मक तस्वीर; यह घटना का वास्तविक फोटो नहीं है | PT24

कल्याण-डोंबिवली महापालिका इलाके की राजनीति में एक बड़ा मामला गरमा गया है। भाजपा के पूर्व विधायक नरेंद्र पवार के खिलाफ सामूहिक बलात्कार का केस दर्ज होने के बाद अब उनकी गिरफ्तारी की मांग जोर पकड़ने लगी है। शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) पार्टी के विधायक वरुण सरदेसाई ने इस मुद्दे पर भाजपा और सत्तापक्ष को घेरते हुए सवाल पूछा कि बलात्कार का केस दर्ज होने के बावजूद पूर्व विधायक नरेंद्र पवार की गिरफ्तारी आखिर कब होगी।

पडघा पुलिस स्टेशन में नरेंद्र पवार और बर्खास्त पुलिसकर्मी शैलेश पाटील के खिलाफ एक 22 साल की शादीशुदा महिला की शिकायत पर सामूहिक बलात्कार समेत कई धाराओं में केस दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक दोनों की तलाश शुरू कर दी गई है।

कल्याण में पार्टी की समीक्षा बैठक के लिए पहुंचे वरुण सरदेसाई ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि विपक्ष के किसी नेता पर छोटा सा भी केस दर्ज हो जाए तो सत्तापक्ष के प्रवक्ता तुरंत आक्रामक हो जाते हैं और मीडिया ट्रायल शुरू कर देते हैं। लेकिन इतना गंभीर केस दर्ज होने के बाद भी सिर्फ इसलिए संरक्षण दिया जा रहा है क्योंकि आरोपी भाजपा से जुड़ा है। सरदेसाई ने साफ कहा कि नरेंद्र पवार को कोई राजनीतिक संरक्षण दिए बिना उनकी तुरंत गिरफ्तारी होनी चाहिए।

पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक पीड़ित महिला का अपने पति के साथ घरेलू विवाद चल रहा था। आरोप है कि इस विवाद में मध्यस्थता कर मदद करने के बहाने महिला को बुलाया गया और फिर उसे भिवंडी तालुका के बापगाव इलाके के एक फार्महाउस पर ले जाया गया। महिला का आरोप है कि वहां हथियार दिखाकर धमकाया गया, उसे शराब पिलाई गई और फिर उसके साथ यौन शोषण किया गया। इन्हीं आरोपों के आधार पर पडघा पुलिस ने नरेंद्र पवार और शैलेश पाटील के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

इस बीच नरेंद्र पवार ने खुद पर लगे सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि उन्हें बदनाम करने के लिए यह साजिश रची गई है। केस दर्ज होने के बाद उन्होंने भाजपा के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे में उन्होंने लिखा है कि पार्टी की छवि पर इसका असर न पड़े, इसलिए वे पद छोड़ रहे हैं।

इस मामले में पीड़ित महिला और उसके परिवार को पुलिस सुरक्षा देने की मांग भी उठी है। केडीएमसी में कांग्रेस की गुटनेता कांचन कुलकर्णी ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है और कहा है कि अगर गिरफ्तारी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।

वरुण सरदेसाई ने केडीएमसी की राजनीतिक स्थिति पर भी टिप्पणी की। उन्होंने बताया कि केडीएमसी में अभी तक विपक्ष के नेता का चुनाव नहीं हुआ है और नए नगरसेवकों की नियुक्तियों को लेकर भी कोई ठोस फैसला नहीं लिया गया है। शिवसेना शिंदे गुट और भाजपा के बीच चल रहे राजनीतिक विवाद पर भी उन्होंने सत्तापक्ष पर निशाना साधा और पूछा कि दोनों पार्टियों के बीच अगर विवाद यूं ही चलता रहा तो नागरिकों के काम कब होंगे।

पार्टी संगठन की समीक्षा के लिए वरुण सरदेसाई कल्याण-डोंबिवली दौरे पर आए थे। कल्याण पश्चिम के मंगेशी हॉल में हुई इस बैठक में सरदेसाई के साथ शिवसेना ठाकरे गुट के केडीएमसी गटनेता उमेश बोरगावकर, पार्टी के नगरसेवक, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे। इस बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए सरदेसाई ने नरेंद्र पवार मामले के साथ-साथ केडीएमसी की अन्य राजनीतिक हलचलों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि नरेंद्र पवार मामले की जांच चल रही है और उन पर लगे आरोप अभी तक कोर्ट में साबित नहीं हुए हैं।

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