आठवले का दावा, मुख्यमंत्री ने महामंडल और विधान परिषद पर आश्वासन दिया
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने रायगड में सत्कार समारोह के दौरान मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिले आश्वासन की बात बताई और सीजेपी पर भी निशाना साधा
केंद्रीय मंत्री रामदास आठवले ने एक बड़ा बयान देकर राजनीतिक हलकों में चर्चा छेड़ दी है। उन्होंने बताया कि उन्होंने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के पास दो महामंडल अध्यक्ष पद और विधानपरिषद की एक सीट की मांग रखी है, और मुख्यमंत्री ने इस बारे में आश्वासन दिया है।
आठवले ने कहा कि उनकी पार्टी अपने दम पर चुनाव नहीं जीत पाती, लेकिन आरपीआई पक्ष महाराष्ट्र में सत्ता में न होते हुए भी किसी को चुनाव जितवाने और किसी को हराने की ताकत और वोट उनके पास हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं की ताकत उनके पीछे मजबूती से खड़ी है।
मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कॉक्रोज जनता पार्टी (सीजेपी) पर भी टीका की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ये लोग सिर्फ इस्तीफा मांगने के लिए ही बने हैं। इसके साथ ही उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें अपनी पार्टी का नाम बदलकर राजीनामा जनता पार्टी कर लेना चाहिए।
रामदास आठवले के केंद्रीय मंत्री पद के दस साल पूरे होने के मौके पर रायगड के पाली में उनका भव्य सत्कार आयोजित किया गया था। इसी कार्यक्रम में बोलते हुए उन्होंने ये बातें कहीं।
रायगड में सिर्फ श्रीवर्धन तालुका को ही सूखाग्रस्त तालुका के तौर पर शामिल किया गया है। इस पर बोलते हुए आठवले ने कहा कि बाकी तालुकों का भी विचार होना जरूरी है। भात की खेती के लिए मशहूर रायगड जिले में कई तालुकों में देर से आई बारिश, और फिर उसके बाद हुई ज्यादा बारिश से बाढ़ के पानी में भात की फसल बह जाने जैसी कई वजहों से भात की खेती संकट में है। आठवले ने कहा कि ऐसे में कई तालुकों पर विचार होना जरूरी है, और इसके लिए वे जरूर विचार करेंगे और कोशिश करेंगे।
उन्होंने आगे कहा कि वे पिछले दस साल से सरकार में काम कर रहे हैं और इस सरकार ने देश की इकॉनॉमी को बहुत बड़ी गति दी है। उन्होंने कहा कि सरकार की कई योजनाओं के जरिए देश में मदद मिल रही है, और पिछले दस साल में उन्होंने अपनी पार्टी को बढ़ाने के लिए कई कोशिशें की हैं।
आठवले ने कहा कि उनकी भूमिका गरीबों को न्याय दिलाने की है। उन्होंने बताया कि देश के हर राज्य में आरपीआई की शाखा है, और अगर महाराष्ट्र में आगे उनकी पार्टी के दो सांसद चुनकर आते हैं तो राज्य में उनकी पार्टी को मान्यताप्राप्त दर्जा मिल सकता है।