13 साल की चीनी तैराक ने एशियाई खेलों में गोल्ड जीतकर बनाया रिकॉर्ड
एशियाई खेलों 2026 के पहले ही दिन 13 साल की यु झिदी ने महिलाओं की 200 मीटर बटरफ्लाई में रिकॉर्ड टाइमिंग के साथ गोल्ड मेडल जीता।
एशियाई खेलों 2026 के पहले ही दिन एक 13 साल की चीनी तैराक ने अपनी परफॉर्मेंस से सबको चौंका दिया। यु झिदी नाम की इस खिलाड़ी ने महिलाओं की 200 मीटर बटरफ्लाई इवेंट में 2 मिनट 05.08 सेकंड का टाइम निकालकर गोल्ड मेडल अपने नाम किया, और यह टाइम एशियाई खेलों में इस इवेंट का रिकॉर्ड बन गया।
यु झिदी अगले महीने 14 साल की होने वाली हैं। लॉस एंजेलिस 2028 ओलंपिक से महज दो साल पहले, यह उनके करियर का पहला बड़ा इंटरनेशनल खिताब है। जीत के बाद हंसते हुए यु झिदी ने बड़ी विनम्रता से अपनी परफॉर्मेंस को सिर्फ ठीकठाक बताया।
इस गोल्ड मेडल मुकाबले में यु झिदी ने अपने ही देश की खिलाड़ी चांग मोहन को 3.36 सेकंड के बड़े अंतर से पीछे छोड़ा। चांग मोहन को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा। यु झिदी इन एशियाई खेलों में तीन इंडिविजुअल इवेंट्स में हिस्सा लेने वाली हैं, और उन्होंने अपने करियर का पहला बड़ा इंडिविजुअल गोल्ड मेडल पहली ही स्पर्धा में जीत लिया है।
स्पर्धा के पहले दिन जो सात गोल्ड मेडल दांव पर थे, उनमें से छह चीनी तैराकों के खाते में गए, जिससे तैराकी में चीन के दबदबे का अंदाजा लगाया जा सकता है।
यु झिदी पहले भी सुर्खियों में रह चुकी हैं। पिछले साल, सिर्फ 12 साल की उम्र में, उन्होंने वर्ल्ड स्विमिंग चैंपियनशिप में चीन की 4x200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले टीम के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीतकर इतिहास रच दिया था और वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास की सबसे कम उम्र की मेडल विजेता बनी थीं। उस चैंपियनशिप में उन्होंने तीन इंडिविजुअल इवेंट्स में चौथा स्थान भी हासिल किया था। इसी साल मार्च में उन्होंने अमेरिकी ओलंपिक चैंपियन रेगन स्मिथ को हराकर सबको हैरान कर दिया था। यु झिदी को 2028 के लॉस एंजेलिस ओलंपिक में मेडल की प्रबल दावेदारों में से एक माना जा रहा है। अपने छोटे पिक्सी हेयरकट से पहचानी जाने वाली यु झिदी ने पिछले साल ही इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाई थी।
इतनी कम उम्र में वर्ल्ड लेवल पर यह मुकाम हासिल करना आसान नहीं रहा। यु झिदी खुद कई बार इतने बड़े मंच पर कॉम्पिटीशन करने के मानसिक दबाव के बारे में बता चुकी हैं। पिछले साल चाइनीज नेशनल गेम्स से पहले, 400 मीटर इंडिविजुअल मेडले का दबाव इतना ज्यादा था कि वे हतबल हो गई थीं, लेकिन उनके कोच ने उन्हें खुद पर भरोसा रखने के लिए हौसला दिया। नतीजा यह रहा कि उन्होंने नेशनल गेम्स में चार मेडल जीते।
यु झिदी की इस तेज रफ्तार सफलता ने तैराकी की दुनिया में कम उम्र के खिलाड़ियों पर पड़ने वाले मानसिक और शारीरिक दबाव को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। वर्ल्ड एक्वाटिक्स के नियमों के मुताबिक इंटरनेशनल कॉम्पिटीशन के लिए कम से कम उम्र 14 साल तय है, लेकिन क्वालिफिकेशन क्राइटेरिया पूरा करने वाले कम उम्र के तैराकों के लिए यह उम्र सीमा में छूट दी जाती है। इसी वजह से यु झिदी एशियाई खेलों में हिस्सा ले पाईं।