1 अक्टूबर से बदले नियम: कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 62.50 रुपये महंगा, घरेलू के दाम वही
1 अक्टूबर 2026 से एलपीजी, एफडी, एटीएम, गाड़ियों और इलेक्ट्रॉनिक सामान से जुड़े कई नियम और दाम बदल गए हैं।
1 अक्टूबर 2026 से आम आदमी के बजट से जुड़े कई नियम और दाम बदल गए हैं। एलपीजी सिलेंडर, बैंकिंग, फिक्स्ड डिपॉजिट, एटीएम, गाड़ियों की कीमतें और एलपीजी सब्सिडी, इन सबमें बदलाव हुए हैं। इनका असर घर के बजट, बैंकिंग खर्च और खरीदारी के खर्च पर सीधे पड़ सकता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि कौन सा बदलाव आपकी जेब पर असर डाल सकता है।
सबसे पहले एलपीजी की बात। 19 किलो वाला कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर 1 अक्टूबर से महंगा हो गया है। दिल्ली में इसका दाम 62.50 रुपये बढ़कर 2,810 रुपये हो गया है। इसका असर होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे और दूसरे कारोबार के चलाने के खर्च पर पड़ सकता है। वहीं 14.2 किलो वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं हुआ है।
फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) वाले ग्राहकों के लिए भी 1 अक्टूबर से बदलाव किए गए हैं। आरबीआई की गाइडलाइन के मुताबिक बड़ी एफडी पर लगने वाली लिमिट और उनसे जुड़ी ब्याज दरें सुधारी गई हैं। इसका असर बड़ी रकम जमा करने वाले ग्राहकों और उनके निवेश पोर्टफोलियो पर हो सकता है।
त्योहारों के सीजन में टीवी, एसी और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने वालों को दाम बढ़ने का सामना करना पड़ेगा। कच्चे माल की कीमतों और सीमा शुल्क में बदलाव की वजह से कुछ कंपनियों ने आज से अपने इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट के दाम बढ़ा दिए हैं। असल बढ़ोतरी कंपनी और प्रोडक्ट के हिसाब से अलग हो सकती है। एलजी के एयर कंडीशनर के दाम आज से 5-7 टक्के बढ़ गए हैं।
टाटा मोटर्स ने 1 अक्टूबर 2026 से अपनी कमर्शियल गाड़ियों के दाम में 1 टक्का बढ़ोतरी का ऐलान किया है। यानी नई कमर्शियल गाड़ी खरीदने वालों को पहले से ज्यादा पैसे देने पड़ सकते हैं।
एसबीआई के ग्राहकों के लिए एटीएम चार्ज के नियम भी बदले गए हैं। तय फ्री लिमिट से ज्यादा कैश निकालने या नॉन-फाइनेंशियल लेनदेन पर लगने वाला सर्विस चार्ज सुधारा जा रहा है। इसलिए जो लोग एटीएम का बार-बार इस्तेमाल करते हैं, उन्हें अपने लेनदेन की गिनती पर ध्यान रखना होगा।
आखिर में एलपीजी सब्सिडी की बात। सब्सिडी लेने वाले ग्राहकों के लिए बायोमेट्रिक आधार वेरिफिकेशन (ई-केवाईसी) के नियम सख्त कर दिए गए हैं। जो ग्राहक अपना आधार ई-केवाईसी पूरा नहीं करेंगे, उनकी सब्सिडी में कटौती हो सकती है। इसलिए सब्सिडी पाने वालों को अपना केवाईसी स्टेटस चेक कर लेना चाहिए।