वाईन शॉप संचालक को हमला करके लूटा
धरमपेठ में सीएम के निजी निवास के पास हुई वारदात, सुरक्षा पर उठ रहे सवाल, सीसीटीवी फुटेज से जांच कर रही पुलिस
नागपुर.
धरमपेठ के कॉफी हाऊस चौक स्थित जोहरी वाईन शॉप के संचालक सागर जोहरी को हमला करके लूट लिया गया. यह वारदात गुरुवार की रात 11 बजे धरमपेठ के कैनाल रोड पर हुई. अपराधी सागर जोहरी का वाईन शॉप से ही पीछा कर रहे थे. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निजी निवास से चंद कदमों की दुरी पर हुई इस वारदात से परिसर में खलबली मची हुई है.
सागर जोहरी की कॉफी हाऊस चौक के पास वाईन शॉप है. गुरुवार की रात 10.55 बजे जोहरी कार में सवार होकर घर जाने के लिए रवाना हुए. उनके पास बैग में नकदी चार से साढ़े चार लाख रुपए और लैपटॉप था. वाईन शॉप के पास से ही लाल रंग की कार और बाईक पर सवार अपराधी जोहरी का पीछा कर रहे थे. वाईन शॉप से कुछ ही दूरी पर स्थित कैनाल रोड पर अपराधियों ने ओवरटेक करके जोहरी की कार को रोका. कार से बाहर निकलकर जोहरी की कार पर पथराव करने लगे. कार का शीशा टूट गया. जोहरी घबराकर बाहर निकल आए. तभी पीछे से बाईक पर चार से पांच युवक आए. वह चाकू लहराते हुए जोहरी की ओर आने लगे. हमले की आशंका से जोहरी भाग खड़े हुए. अपराधी कार से नकदी और लैपटॉप की बैग लेकर फरार हो गए. जोहरी ने 112 नंबर पर कॉल करके घटना की सूचना दी. पुलिस ने घटनास्थल और वाईन शॉप परिसर के सीसीटीवी फुटेज की जांच की. जिसमें अपराधी पीछा करते हुए नजर आए. शुक्रवार को शराब दुकानें बंद होने से गुरुवार को दिनभर ग्राहकों की भीड़ थी. इस वजह से अपराधियों को जोहरी के पास भारी मात्रा में नकदी मिलने का भरोसा होगा.
घटनास्थल जोहरी की वाईन शॉप से चंद कदमों की दूरी पर सीएम देवेंद्र फडणवीस का निजी निवास है. इस वजह से परिसर में हमेशा पुलिस की आवाजाही होती है. इसके बावजूद अपराधियों ने वॉईन शॉप से पीछा करके वारदात को अंजाम देने का दुस्साहस दिखाया है. 20 सितंबर को सीएम के निजी निवास के करीब ही हथियार तस्कर योगेश सिरिया को दो माउजर और 14 कारतुस के साथ पकड़ा था. इसके चार दिन बाद ही लूट की वारदात हुई है. इससे पुलिस की सुरक्षा को लेकर सवाल हो रहे है. वाईन शॉप सीताबर्डी थाने के तहत आता है. हाल के दिनों में सीताबर्डी पुलिस की कई मामलों में ढिलाई देखने को मिली है. चलती ट्रवल्स में युवती से रेप का प्रयास करनेवाले कंडक्टर के खिलाफ भी सीताबर्डी पुलिस ने आरंभ में कोई कार्रवाई नहीं की थी. यही अवस्था अंबाझरी पुलिस की है. उसके आश्रय से भी कई अवैध धंधे संचालित हो रहे है. चंद कर्मी अंबाझरी थाना चला रहे है. जोन दो के आला अधिकारी भी शोपीस बने हुए है. उनमें नागरिकों की समस्या-शिकायतों को लेकर बेरूखी होती है. अधिकारी-कर्मी भी उन्हें गालियां देने के लिए पहचानते है. क्राइम यूनीट दो की सच्चाई से भी सभी वाकिफ है. अंबाझरी पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है.
ही बातमी प्रकाशित झाली आहे पण थेट मालिका सुरू झालेली नाही. डेस्कने अपडेट दाखल करताच तो इथे दिसेल.