Wednesday, 4 November 2026

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दस दिन पहले लेटर बॉक्स में डाले गए थे फिरौती के लिफाफे

दस दिन पहले लेटर बॉक्स में डाले गए थे फिरौती के लिफाफे
Crime Prashik Dongre

20 से 22 अक्टूबर का मोबाइल टावर डंप डेटा खंगाल रही पुलिस, 8 सराफा व्यापारियों को मिली थी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर धमकी

नागपुर। इतवारी के 8 सराफा व्यापारियों से 10-10 लाख रुपये की फिरौती मांगने वाले धमकी भरे पत्रों की जांच में पुलिस को अहम सुराग मिला है। ये पत्र करीब दस दिन पहले त्रिमूर्तिनगर के पोस्टल बॉक्स में डाले गए थे। वहां से खामला पोस्ट ऑफिस और फिर इतवारी पोस्ट ऑफिस के जरिए व्यापारियों तक पहुंचे।

30 अक्टूबर को दुर्गा ज्वेलर्स के संचालक नेहाल तिनखेड़े को एक महिला लिफाफा देने पहुंची थी। प्रतिष्ठान के CCTV फुटेज की जांच में महिला की पहचान इतवारी पोस्ट ऑफिस की कर्मचारी के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने डाक के पूरे रूट की जांच की।

मोबाइल टावर डंप डेटा से तलाश

पुलिस अब 20, 21 और 22 अक्टूबर के दौरान त्रिमूर्तिनगर पोस्टल बॉक्स के आसपास सक्रिय मोबाइल नंबरों का डंप डेटा खंगाल रही है। CCTV फुटेज और संदिग्धों की गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। इस मामले में खामला के कुख्यात अपराधी गप्पू की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है।

पुराने धमकी पत्र से भी होगा मिलान

इससे पहले 15 सितंबर को प्रतापनगर के महालक्ष्मी ज्वेलर्स के संचालक को भी इसी तरह का धमकी भरा पत्र मिला था। पुलिस दोनों पत्रों की लिखावट का मिलान कर रही है, ताकि पता लगाया जा सके कि दोनों घटनाओं के पीछे एक ही गिरोह है या नहीं।

व्यापारियों में दहशत, मुख्यमंत्री से मिलेंगे

कथित लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर मिली धमकियों से सराफा बाजार में दहशत है। व्यापारियों ने आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है और इस मामले में मुख्यमंत्री से मुलाकात की तैयारी भी कर रहे हैं। धमकी भरे पत्रों में आरोपियों ने पुलिस आयुक्त से अच्छे संबंध होने का दावा किया है। हालांकि, पुलिस को संदेह है कि यह दावा व्यापारियों में डर पैदा करने के लिए किया गया हो सकता है।

अब जांच का सबसे बड़ा सवाल यही है कि आरोपी वास्तव में किसी संगठित गैंग से जुड़े हैं या फिर गैंग के नाम का इस्तेमाल कर व्यापारियों को डराने की कोशिश कर रहे हैं।

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