Monday, 2 November 2026

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PT24 EXCLUSIVE

बिश्नोई गैंग ने सराफा बाजार से मांगी फिरौती

Crime PT24 team

आठ से दस व्यापारियों को डाक से भेजे धमकी भरे पत्र, रुपये नहीं देने-पुलिस को बताने पर परिवार सहित हत्या की धमकी, पांच दिनों से चल रहा क्रम, दहशत में है सराफा व्यापारी

नागपुर.

उपराजधानी के इतवारी सराफा बाजार के व्यापारियों को कथित लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम पर फिरौती मांगी गई है. आठ से दस सराफा व्यापारियों को डाक से धमकी भरे पत्र भेजकर 10-10 लाख रुपये देने की मांग की गई है. रकम नहीं देने अथवा पुलिस को सूचना देने पर व्यापारियों को परिवार सहित मौत के घाट उतारने की की धमकी दी गई है. इस धमकी से नागपुर के सराफा व्यापारियों में दहशत मची हुई है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के गृह शहर में व्यापारियों को इस तरह धमकी मिलने से कानून-व्यवस्था और कारोबारी सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं. चार-पांच दिन पहले शुरू हुआ धमकी भरे पत्रों का सिलसिला अब सराफा कारोबारियों के लिए चिंता का कारण बन गया है। व्यापारियों ने अपने संगठन के पदाधिकारियों के माध्यम से पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक मामला पहुंचाया है. पुलिस गोपनीय तरीके से जांच में जुटी है.

दुकान के सामने खास नारा लिखने का निर्देश

सूत्रों के अनुसार धमकी देने का क्रम करीब पांच दिन पहले आरंभ हुआ था. शुरुआत में दो व्यापारियों को यह पत्र प्राप्त हुए. इसके बाद दूसरे व्यापारियों को भी पतत्र मिलने आरंभ हो गए. अलग-अलग समय पर व्यापारियों को डाक से भेजे गए इन पत्रों में 10 लाख रुपये तैयार रखने को कहा गया है. फिरौती देने के लिए तैयार होने का संकेत देने के उद्देश्य से दुकान के सामने एक विशेष नारा लिखने का निर्देश भी दिया गया है. पत्र में कहा गया है कि दुकान के सामने नारा लिखने पर उनकी गैंग को पता चल जाएगा की संबंधित व्यापारी फिरौती देने के लिए तैयार है. इसके बाद रकम कहां और किस तरह पहुंचानी है, इसकी जानकारी दी जाएगी. फिरौति की डिलीवरी के लिए अलग-अलग समय दिया है. धमकी देने वाले ने पत्रों में अपनी पहचान उजागर नहीं की है. उन्हें अलग-अलग समय पर डाकघर से भेजा गया है. पुलिस को आशंका है कि किसी स्थानीय आपराधिक तत्व ने दहशत फैलाने और वसूली करने के लिए लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल किया हो सकता है. हालांकि, धमकी के पीछे वास्तव में किसका हाथ है, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकता है. दीपावली का सीजन नजदीक होने के कारण सराफा बाजार में कारोबार बढ़ने की उम्मीद है. ऐसे समय में धमकी भरे पत्र मिलने से व्यापारी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. सूत्रों के अनुसार, कुछ व्यापारी प्रतिष्ठान जाने को लेकर भी भय महसूस कर रहे हैं. व्यापारियों और संगठन के पदाधिकारी फिलहाल इस मामले पर खुलकर बोलने से बच रहे हैं।

26 साल बाद भी नहीं भूला इतवारी का जख्म

इतवारी का सराफा बाजार पहले भी गंभीर आपराधिक वारदात का दर्द झेल चुका है। मई 2000 में प्रसिद्ध सराफा व्यापारी नीलेश पारेख के ढाई वर्षीय बेटे आदित्य पारेख का अंबाझरी के वर्मा ले-आऊट स्थित घर से अपहरण कर लिया गया था. अपहरणकर्ताओं ने बच्चे की रिहाई के बदले फिरौती मांगी थी. मामले की जांच पहले अंबाझरी पुलिस ने की. बाद में प्रकरण सीआईडी को सौंपा गया. सीआईडी ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन बाद में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया. आज करीब 26 साल बाद भी आदित्य पारेख का पता नहीं चल पाया है. उसके अपहरण की गुत्थी भी सुलझ नहीं पाई है. इस घटना की याद आज भी सराफा कारोबारियों के लिए भयावह है. इसके बाद सराफा बाजार गैंगस्टर संतोष आंबेकर की दशहत में था. तत्कालीन सीपी डॉ. भूषण कुमार उपाध्याय और डीसीपी गजानन राजमाने द्वारा आंबेकर का साम्राज्य ध्वस्त करने के बाद व्यापारियों ने राहत की सांस ली थी. अब कथित लारेंस बिस्नोई गैंग द्वारा धमकी दिए दिए जाने से सराफा व्यापारी खूद को असुरक्षित महसूस कर रहे है.

मुंबई के बाद नागपुर पर है नजर

18 अक्तूबर की शाम मुंबई के जुहू में कार में सवार अभिनेता टाइगर श्रॉफ फायरिंग की गई थी. इस हमले में टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए थे. उनका ड्राइवर और उमेश चव्हाण नामक ब्लॉगर जख्मी हो गया था. जांच में बिश्नोई गैंग द्वारा हफ्ते भर पहले हमले की योजना बनाए जाने का खुलासा हुआ है. टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के पहले पंजाबी गायक सिद्दू मुसेवाला की हत्या, गुरू रंधावा पर हुए हमले सलमान खान, रोहित शेट्टी के घर तथा कॉमेडियन कपिल शर्मा के कनाडा स्थित कैफे के बाहर हुई फायरिंग में बिस्नोई गैंग की लिप्तता चर्चा में रही है. सराफा व्यापारियों को मिली ताजा धमकी से बिस्नोई गैंग के मुंबई के बाद नागपुर में भी पैंढ जमाने का खतरा पैदा हो गया है. इस संबंध में 'प्राइम टाइम24' ने क्राइम ब्रांच के डीसीपी दीपक अग्रवाल से संपर्क किया लेकिन उनका कोई प्रतीसाद नहीं मिल पाया.

पुलिस के सामने तीन बड़े सवाल!

ताजा धमकी भरे पत्रों ने पुलिस के सामने कई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. जांच में सबसे अहम सवाल यही हैं कि

आखिर इन धमकी भरे पत्रों को डाक से भेजने वाला कौन है?

क्या इसके पीछे वास्तव में कोई संगठित आपराधिक गिरोह है या बिश्नोई गैंग के नाम का इस्तेमाल कर वसूली की कोशिश की जा रही है?

करीब एक दर्जन व्यापारियों को निशाना बनाने के पीछे क्या कोई सुनियोजित साजिश है?

पुलिस पत्रों की जांच, उन्हें भेजने वाले की पहचान और पूरे घटनाक्रम के पीछे के मकसद का पता लगाने में जुटी है.

#नागपुर#जुर्म#PT24#Crime#Nagpur

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