ज़वेरे पूनावाला को 'लीजेंड ऑफ इंडियन हॉर्स रेसिंग' अवॉर्ड से नवाज़ा गया
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मैसूरु में 24 अक्टूबर को हुए टर्फ अथॉरिटीज ऑफ इंडिया के समारोह में भारतीय घुड़दौड़ में योगदान के लिए सम्मान मिला।
पुणे, 29 अक्टूबर 2026: ज़वेरे एस. पूनावाला को 'लीजेंड ऑफ इंडियन हॉर्स रेसिंग' अवॉर्ड दिया गया है। यह सम्मान उन्हें मैसूरु में 24 अक्टूबर को हुए टर्फ अथॉरिटीज ऑफ इंडिया (TAI) रेसिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड्स समारोह में मिला। अवॉर्ड भारतीय घुड़दौड़ में उनके योगदान और देश भर में इस खेल को आगे बढ़ाने की उनकी कोशिशों के लिए दिया गया।
पूनावाला परिवार का थोरोब्रेड ब्रीडिंग और घुड़दौड़ से पुराना रिश्ता रहा है, और इससे देश में इस उद्योग को बढ़ने में मदद मिली है। पूनावाला ने आर्थिक तंगी झेल रहे रेस क्लबों का भी साथ दिया है। इसमें रेसिंग के इन्फ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी पहल और बड़ी रेसों के आयोजन शामिल हैं।
उनके काम का एक अहम हिस्सा बैंगलोर टर्फ क्लब रहा है, खासकर उस दौर में जब क्लब के सामने अपना रेसकोर्स दूसरी जगह ले जाने की चुनौती थी। आयोजकों के मुताबिक पूनावाला ने कुनिगल में नई रेसिंग सुविधा बनाने की कोशिशों में साथ दिया, जिससे क्लब को उस नाज़ुक दौर में अपना कामकाज जारी रखने में मदद मिली।
उन्होंने मैसूर रेस क्लब को भी बड़ी रेसें कराने के लिए आर्थिक मदद दी है। इनमें मैसूर डर्बी और ज़वेरे पूनावाला इंडियन इन्विटेशन कप शामिल हैं। उनकी मदद से जुड़ी दूसरी जानी-मानी रेसों में 1,000 गिनीज़, 2,000 गिनीज़ और सेंट लेजर के नाम लिए गए हैं।
इस मदद का मकसद रेसिंग की गतिविधियों को चलाए रखना है। साथ ही उन लोगों को भी सहारा देना, जिनकी रोज़ी-रोटी इस उद्योग पर टिकी है, यानी जॉकी, ट्रेनर, स्टेबल स्टाफ और रेसिंग से जुड़े दूसरे पेशेवर।
अब पूनावाला का ध्यान ऐतिहासिक मद्रास रेसकोर्स को दोबारा खुलवाने की कोशिशों पर है। यह पहल एक बड़े मकसद का हिस्सा है, जिसमें आर्थिक संकट से जूझ रहे रेस क्लबों की मदद करना और देश भर में रेसिंग संस्थाओं को बंद होने से बचाना शामिल है।
एक और बताया गया लक्ष्य भारतीय घुड़दौड़ को मज़बूत करना और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उसकी हैसियत बेहतर बनाना है।
TAI रेसिंग एक्सीलेंस अवॉर्ड्स में यह सम्मान ऐसे वक्त मिला है जब इस खेल से जुड़े लोग रेसिंग के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखने, रेस क्लबों की मदद करने और भारत में खेल की स्थापित संस्थाओं को बचाने की कोशिश में लगे हैं।
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