रैपिडो ऐप हटाने के लिए पुणे पुलिस ने गूगल और एप्पल को लिखा, बाइक टैक्सी पर विवाद
पुणे पुलिस ने गूगल और एप्पल से रैपिडो को ऐप स्टोर से हटाने को कहा है, जबकि शहर में बाइक टैक्सी सेवा अब भी चल रही है।
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पुणे, 26 अक्टूबर 2026: पुणे पुलिस ने गूगल और एप्पल से कहा है कि वे रैपिडो को अपने ऐप स्टोर से हटा दें। पुलिस का आरोप है कि कंपनी शहर में बिना इजाजत बाइक टैक्सी चला रही है। इसी मामले में कार्रवाई और सख्त की गई है, फिर भी पूरे शहर में यह सेवा चालू है।
पुलिस ने बताया कि दोनों कंपनियों को इस बारे में संदेश भेज दिए गए हैं। इससे पिछले हफ्ते पुणे के कलेक्टर और रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (RTA) के चेयरपर्सन जितेंद्र डूडी ने इस सेवा के खिलाफ कार्रवाई मांगते हुए एक चिट्ठी लिखी थी। उसी चिट्ठी के बाद यह कदम उठाया गया है।
यह कदम ऐसे वक्त आया है जब पिछले हफ्ते ही रैपिडो के खिलाफ FIR दर्ज हो चुकी है। एक RTO अधिकारी के मुताबिक बाइक टैक्सी चलाने की इजाजत के लिए कंपनी की अर्जी अब भी ट्रांसपोर्ट विभाग के पास पेंडिंग है।
अधिकारी ने कहा, "नियमों का पालन न करने पर रैपिडो को कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। अगर कंपनी बाइक टैक्सी पॉलिसी की सारी शर्तें पूरी करती है, तो उसकी अर्जी पर विचार हो सकता है। लेकिन बिना इजाजत चलाने से मंजूरी की प्रक्रिया में दिक्कत आ सकती है।"
इतनी कार्रवाई के बावजूद रैपिडो के ऐप पर बाइक टैक्सी का विकल्प अब भी दिख रहा है और पुणे भर में राइड चल रही हैं।
प्रस्तावित सख्ती पर रोजाना सफर करने वालों ने भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि प्रशासन को इस सेवा को बंद करने के बजाय उसे नियमों में बांधने पर ध्यान देना चाहिए। उनकी दलील है कि शहर में सार्वजनिक परिवहन में कमियां हैं, और कुछ ऑटोरिक्शा और कैब ड्राइवरों के ज्यादा पैसे वसूलने और बदसलूकी करने की शिकायतें भी आती रही हैं।
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