पुणे में PMRDA के तीन ज़मीन सर्टिफिकेट अब घर बैठे ऑनलाइन मिलेंगे
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PMRDA ने GIS आधारित जियोपोर्टल शुरू किया है, जिससे ज़ोन सर्टिफिकेट, पार्ट प्लान और साइट एलिवेशन सर्टिफिकेट ऑनलाइन मिलेंगे।
पुणे, 29 अक्टूबर 2026: पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (PMRDA) ने GIS आधारित जियोपोर्टल शुरू किया है। इसके बाद ज़ोन सर्टिफिकेट, पार्ट प्लान और साइट एलिवेशन सर्टिफिकेट लेने के लिए लोगों को PMRDA के दफ्तर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। ये तीनों दस्तावेज़ अब ऑनलाइन और कुछ ही सेकंड में जारी किए जाएंगे।
यह पहल राइट टू पब्लिक सर्विसेज़ एक्ट और राज्य सरकार की प्रशासनिक प्रक्रिया पुनर्गठन (re-engineering) मुहिम के तहत शुरू की गई है। अर्ज़ी देने वाले घर से ही आवेदन कर सकेंगे। सर्टिफिकेट असली है या नहीं, यह QR कोड से जांचा जा सकेगा।
पहले इन दस्तावेज़ों के लिए काफी इंतज़ार करना पड़ता था। ज़ोन सर्टिफिकेट मिलने में सात दिन लगते थे, पार्ट प्लान में तीन दिन और साइट एलिवेशन सर्टिफिकेट में 10 दिन तक। इस दौरान रीजनल प्लान के कागज़ी नक्शे देखे जाते थे और प्लॉट की लोकेशन और ऊंचाई की जांच की जाती थी।
नया सिस्टम यह सारा काम अपने आप करता है। इसके लिए 1997 में मंज़ूर हुए पुणे रीजनल प्लान को डिजिटल किया गया है। साथ ही डिजिटल एलिवेशन मॉडल, टोपोग्राफिक शीट और दूसरे भौगोलिक डेटा का इस्तेमाल किया गया है।
जियोपोर्टल पर PMRDA के दायरे के 674 गांवों की जानकारी मिलती है। इसमें 25 से ज़्यादा लेयर हैं। इनमें मेट्रो रूट, ट्रांज़िट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) ज़ोन, प्रस्तावित पुरंदर एयरपोर्ट का प्रभावित इलाका, नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) का बफर ज़ोन, हाई एनर्जी मैटेरियल्स रिसर्च लेबोरेटरी (HEMRL) की सीमा, रेलवे लाइनें और फ्लड लाइनें शामिल हैं।
सिस्टम ज़ोन सर्टिफिकेट के साथ पार्ट प्लान भी देगा। इससे हाथ से होने वाला काम और देरी कम होगी, जो ज़मीन से जुड़ी जानकारी पाने में अड़चन बनती थी।
PMRDA के महानगर आयुक्त डॉ. अभिजीत चौधरी ने कहा, "PMRDA के दायरे में प्लॉट के आसपास की सड़कों, फ्लड लाइन, मेट्रो रूट और प्लानिंग की शुरुआती जानकारी अब लोग अपने घर से देख सकेंगे। तीनों सर्टिफिकेट बिना देरी ऑनलाइन मिलने से समय बचेगा और प्रशासन ज़्यादा पारदर्शी, कुशल और नागरिकों के अनुकूल बनेगा।"
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