पुणे में FDA की मुहिम: मेथनॉल के 28 लाइसेंस सस्पेंड, 15 रद्द
फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने पुणे डिवीजन की 102 लाइसेंसधारी मेथनॉल कंपनियों की जांच के बाद 28 लाइसेंस सस्पेंड और 15 रद्द किए हैं।
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फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पुणे डिवीजन की सभी 102 लाइसेंसधारी मेथनॉल से जुड़ी कंपनियों की जांच की है। यह जांच पूरे राज्य में चल रही कार्रवाई का हिस्सा है। जांच के बाद 28 लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए और 15 दूसरे लाइसेंस रद्द कर दिए गए।
यह जांच पुणे की जहरीली शराब की त्रासदी के बाद शुरू की गई थी। अफसरों ने यह देखा कि कंपनियां मेथनॉल को रखने, संभालने और बेचने के नियमों का पालन कर रही हैं या नहीं, और उनके कागज़ात ठीक हैं या नहीं। पुणे डिवीजन पर खास ध्यान दिया गया, क्योंकि महाराष्ट्र में मेथनॉल से जुड़े कारोबार सबसे ज्यादा इसी डिवीजन में हैं।
कई लाइसेंसधारियों पर कार्रवाई होने के बावजूद FDA का कहना है कि उसकी जांच में मेथनॉल की किसी भी अवैध बिक्री का मामला सामने नहीं आया।
अफसरों के मुताबिक लाइसेंस सस्पेंड करने की वजह तकनीकी और कागज़ी कमियां थीं, यानी अवैध बिक्री पकड़ी जाने की वजह से कार्रवाई नहीं हुई। इन कमियों में रिकॉर्ड ठीक से न रखना और कंप्यूटर स्टाफ की नियुक्ति से जुड़ी दिक्कतें शामिल थीं।
विभाग ने बताया कि मेथनॉल की खरीद, बिक्री, स्टोरेज और हैंडलिंग को लेकर नियम पहले से मौजूद हैं। अभी की मुहिम का मकसद यह पक्का करना है कि कंपनियां इन्हीं मौजूदा नियमों का पालन करें। नए नियमों का कोई सेट लाने की बात नहीं है।
ये जांचें उस बड़ी कोशिश का हिस्सा हैं, जिसमें इस केमिकल का कारोबार करने वालों पर निगरानी कड़ी की जा रही है। जहरीली शराब की त्रासदी के बाद नियमों के पालन और उन्हें लागू करने को लेकर चिंता उठी थी।
FDA अफसरों ने कहा कि पूरे डिवीजन में जांच और वेरिफिकेशन आगे भी चलता रहेगा। जो कंपनियां लागू नियमों का उल्लंघन करती पाई जाएंगी, उन पर उल्लंघन की प्रकृति के हिसाब से आगे और कार्रवाई हो सकती है।
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