शनिवार, 7 नवंबर 2026

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पुणे में दिवाली की सुबह के कार्यक्रम के दौरान मशहूर मृदंगम वादक श्रीधर पार्थसारथी का निधन

पुणे में दिवाली की सुबह के कार्यक्रम के दौरान मशहूर मृदंगम वादक श्रीधर पार्थसारथी का निधन तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 टीम

बानेर में दिवाली की सुबह के कार्यक्रम में परफॉर्म करते हुए गिर पड़े कर्नाटक संगीत के तालवादक श्रीधर पार्थसारथी का 56 साल की उम्र में निधन हो गया।

पुणे में दिवाली की सुबह का एक संगीत कार्यक्रम शुक्रवार को मातम में बदल गया। कर्नाटक संगीत के जाने-माने तालवादक श्रीधर पार्थसारथी परफॉर्म करते हुए गिर पड़े और बाद में उनका निधन हो गया। वे 56 साल के थे। मृदंगम के इस मशहूर वादक के जाने से बानेर के कार्यक्रम में मौजूद साथी कलाकार और श्रोता गहरे सदमे में हैं।

पार्थसारथी साथी कलाकारों के साथ संगत कर रहे थे, तभी कार्यक्रम के बीच उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया। वहां मौजूद लोग मदद के लिए दौड़े और उन्हें एक प्राइवेट अस्पताल ले जाने का इंतजाम किया। इलाज के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।

मृदंगम पर पकड़ के लिए जाने जाते पार्थसारथी ने भारतीय शास्त्रीय संगीत के कई बड़े नामों के साथ संगत करते हुए शानदार करियर बनाया। इनमें D. K. Pattammal, Madurai G. S. Mani, डॉ. M. Balamuralikrishna और Ranganath Sharma शामिल हैं।

उनकी दिलचस्पी पारंपरिक कर्नाटक संगीत तक सीमित नहीं थी। उन्होंने अलग-अलग शैलियों के कलाकारों के साथ काम किया और शंकर महादेवन, संजीव अभ्यंकर, रतन मोहन शर्मा और नंदकिशोर मुले जैसे कलाकारों के साथ जुगलबंदी में शामिल हुए।

उन्होंने सिर्फ छह साल की उम्र में मृदंगम की पहली तालीम ली। आगे चलकर जाने-माने संगीतकार Karaikudi R. से प्रशिक्षण लिया।

लाइव परफॉर्मेंस के दौरान हुई उनकी मौत ने एक लंबे संगीत सफर को अचानक खत्म कर दिया। शास्त्रीय संगीत जगत एक माहिर संगतकार के जाने पर शोक में है।

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