सिंहगढ़ किले की मरम्मत के लिए 9 करोड़ रुपये की योजना, तीन दरवाजे और नया संग्रहालय
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पुरातत्व विभाग ने सिंहगढ़ किले के संरक्षण का 9 करोड़ रुपये का प्लान बनाया है। इसमें दरवाजों की मरम्मत, पैदल रास्ता, तटबंदी और संग्रहालय शामिल हैं।
पुणे, 7 नवंबर 2026: पुरातत्व विभाग ने सिंहगढ़ किले के संरक्षण के लिए 9 करोड़ रुपये का प्लान तैयार किया है। इसका मकसद किले की ऐतिहासिक इमारतों की मरम्मत करना, टूटी हुई तटबंदी को मजबूत करना और ऐसी सुविधाएं बनाना है जिनसे आने वाले लोग किले का इतिहास समझ सकें।
प्रस्तावित कामों का खर्च जिला नियोजन समिति (DPC) से उठाया जाएगा। योजना में किले के तीन प्रवेश द्वारों की मरम्मत, पार्किंग इलाके से तानाजी मालुसरे के स्मारक तक पैदल रास्ता, तटबंदी की दीवारों की बहाली और देवटाके नाम की ऐतिहासिक संरचना का संरक्षण शामिल है। इसके अलावा किले के इतिहास पर एक संग्रहालय बनाने का भी प्रस्ताव है।
जिला कलेक्टर जितेंद्र डूडी ने बताया कि प्रस्तावित कामों के लिए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पुरातत्व विभाग के प्लान के मुताबिक किले की ओर जाने वाले रास्ते पर करीब 750 मीटर लंबा पत्थर का पैदल रास्ता बनाया जाएगा। प्रवेश द्वार नंबर 1, 2 और 3 की मरम्मत होगी। साथ ही इन दरवाजों के पहले और बाद की पत्थर की सीढ़ियों और आसपास की सुरक्षा दीवारों पर भी काम किया जाएगा।
प्लान में पूरे किले में जानकारी देने वाले और रास्ता बताने वाले साइनबोर्ड लगाने की बात भी है। ये बोर्ड UNESCO की गाइडलाइन के हिसाब से लगेंगे, ताकि लोगों को किले में घूमने में आसानी हो और उन्हें ऐतिहासिक जानकारी भी मिले।
अगले चरण में विभाग संरक्षित तटबंदी की करीब 315 रनिंग मीटर क्षतिग्रस्त दीवारों की मरम्मत करना चाहता है।
एक और बड़ा हिस्सा छत्रपति राजाराम महाराज की समाधि के पीछे के पुराने वाड़े को संग्रहालय में बदलना है। यहां जानकारी के पैनल, प्रदर्शनियां और डिजिटल डिस्प्ले के जरिए सिंहगढ़ का इतिहास दिखाया जाएगा।
प्रस्तावित जानकारी और प्रदर्शनी केंद्र की बनावट पारंपरिक वाड़ा शैली की होगी, ताकि वह किले के ऐतिहासिक मिजाज से मेल खाए।
देवटाके में भी संरक्षण का काम होगा। इस ऐतिहासिक संरचना को बचाए रखने के लिए उसकी दीवारों और छत की मरम्मत की जाएगी।
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