नवीकरणीय ऊर्जा आकलन 2025-26 में महाराष्ट्र देश में दूसरे नंबर पर, कृषि सोलर योजना को पहचान
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
महाराष्ट्र को RE-SAF 2025-26 में सामान्य श्रेणी के राज्यों के बीच दूसरा स्थान मिला है। पुरस्कार नई दिल्ली में उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने दिया।
नई दिल्ली, 5 नवंबर 2026: नवीकरणीय ऊर्जा राज्य आकलन ढांचे (RE-SAF) 2025-26 में महाराष्ट्र को सामान्य श्रेणी के राज्यों के बीच देश में दूसरा स्थान मिला है। राज्य की कृषि सोलर योजना और बिजली क्षेत्र के सुधारों को इस आकलन में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
गुरुवार को नई दिल्ली में भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 हुआ। वहां उपराष्ट्रपति सी पी राधाकृष्णन ने ऊर्जा राज्यमंत्री मेघना साकोरे-बोर्डीकर और ऊर्जा विभाग की अपर मुख्य सचिव आभा शुक्ला को यह पुरस्कार सौंपा। कार्यक्रम में केंद्रीय नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रल्हाद जोशी और राज्यमंत्री श्रीपद येसो नाईक भी मौजूद थे।
राज्य की सात सूत्री रणनीति में कई बातें शामिल हैं: नवीकरणीय ऊर्जा का उत्पादन बढ़ाना, खेती के बिजली फीडरों को सोलर पर लाना, वितरण ढांचे को बेहतर करना, स्मार्ट मीटर और डिजिटल ग्रिड प्रबंधन लाना, नीतिगत सुधार करना, निवेश और ऊर्जा भंडारण को बढ़ावा देना, और बिजली की आपूर्ति को भरोसेमंद और सस्ती बनाना।
इसका एक अहम हिस्सा मुख्यमंत्री सौर कृषि वाहिनी योजना (MSKVY) 2.0 है। इसमें खेती वाले फीडरों और सबस्टेशनों के पास विकेंद्रीकृत सोलर बिजली परियोजनाएं बनाई जा रही हैं, ताकि किसानों को दिन में बिजली मिल सके।
ऊर्जा विभाग के मुताबिक योजना का बढ़ा हुआ लक्ष्य 16,000 मेगावाट है। पूरी क्षमता का काम दिया जा चुका है और करीब 7,000 मेगावाट चालू हो गया है। 4,500 से ज्यादा कृषि फीडर और 1,200 सबस्टेशन सोलर पर आ गए हैं, जिससे 18 लाख से ज्यादा किसानों को फायदा हुआ है।
राज्य में पीएम-कुसुम के कंपोनेंट बी और मागेल त्याला सौर कृषि पंप योजना के तहत करीब 12 लाख स्टैंडअलोन ऑफ-ग्रिड सोलर कृषि पंप लगाए गए हैं। यह देश की कुल स्थापनाओं का करीब 65 प्रतिशत है। MSEDCL ने 30 दिन में 45,911 चालू सोलर पंप लगाए, जिसे गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स ने मान्यता दी है।
पीएम सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर की स्थापना में महाराष्ट्र देश में दूसरे नंबर पर है। इस योजना में MSEDCL को 16 लाख से ज्यादा आवेदन मिले हैं, और राज्य की कुल रूफटॉप सोलर क्षमता 7,100 मेगावाट के पार हो गई है।
दूसरी पहलों में सौर ग्राम योजना है, जिसके तहत 17 गांव पूरी तरह सोलर बिजली वाले गांव बनाए गए हैं। इसके अलावा गरीबी रेखा से नीचे के परिवारों में रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए SMART योजना भी चल रही है।
ऊर्जा विभाग ने कहा कि यह सम्मान राज्य सरकार और बिजली क्षेत्र की एजेंसियों, यानी MSEDCL, MEDA, MSPGCL और MSETCL की मिली-जुली कोशिशों को दिखाता है, जिन्होंने नवीकरणीय ऊर्जा का ढांचा बढ़ाने और बिजली की पहुंच सुधारने में काम किया।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।