शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

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नाशिक में सिंहस्थ महाकुंभ 2027 की तैयारी शुरू, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया ध्वजारोहण

नाशिक में सिंहस्थ महाकुंभ 2027 की तैयारी शुरू, राष्ट्रपति मुर्मू ने किया ध्वजारोहण तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
कल्चर PT24 टीम

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ 2027 की तैयारियों के तहत ध्वजारोहण समारोह में हिस्सा लिया और जनसभा को संबोधित किया।

नाशिक, 31 अक्टूबर 2026: देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शनिवार को महाराष्ट्र के नाशिक पहुंचीं। यहां उन्होंने नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ 2027 की तैयारियों के सिलसिले में हुए ध्वज स्तंभ पूजन, ध्वज पूजन और ध्वजारोहण समारोह में हिस्सा लिया। इस मौके पर उन्होंने एक जनसभा को भी संबोधित किया।

सभा में राष्ट्रपति मुर्मू ने कुंभ मेले की परंपरा के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व की बात की। उन्होंने नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ को भारत की समृद्ध विरासत का एक अहम हिस्सा बताया।

उन्होंने कहा कि गंगा किनारे हरिद्वार में, प्रयागराज के त्रिवेणी संगम पर, उज्जैन में शिप्रा के तट पर और नाशिक में गोदावरी के किनारे लगने वाले कुंभ की पहचान पूरी दुनिया में है। राष्ट्रपति के मुताबिक सदियों से इनका लगातार होना भारत की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक और आध्यात्मिक परंपराओं की ताकत को दिखाता है।

राष्ट्रपति ने कहा कि सदियों से कुंभ मेलों में लाखों श्रद्धालुओं का जुटना भारत की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक एकता और उसकी परंपराओं के सिलसिले की निशानी है। उन्होंने इन आयोजनों को आस्था और सामाजिक सद्भाव का प्रतीक भी बताया।

आने वाले सिंहस्थ महाकुंभ 2027 को लेकर भरोसा जताते हुए मुर्मू ने कहा कि यह आयोजन भारत की प्राचीन विरासत और आज के दौर के बीच पुल का काम करेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि इससे नई पीढ़ी को देश की सांस्कृतिक धरोहर और बुनियादी मूल्यों से जोड़ने का मौका मिलेगा।

पर्यावरण की चुनौतियों का जिक्र करते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि मौसम की अति के चलते दुनियाभर के लोग कई संकटों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र समेत भारत के अलग-अलग हिस्सों में सूखे ने लोगों को, खासकर किसानों को, प्रभावित किया है।

उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार और महाराष्ट्र सरकार इन चुनौतियों से निपटने में नागरिकों, खासकर किसानों, की मदद की कोशिश कर रही हैं।

सफाई और पर्यावरण को लेकर जागरूकता की अहमियत पर जोर देते हुए मुर्मू ने नागरिकों से अपील की कि वे पर्यावरण के संरक्षण के लिए अकेले भी और मिलकर भी लगातार कोशिश करें।

राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि आयोजन संभालने वाले प्राधिकरणों के असरदार इंतजाम और लोगों की सक्रिय भागीदारी से नाशिक-त्र्यंबकेश्वर सिंहस्थ महाकुंभ सफाई और कचरा प्रबंधन के मामले में मिसाल कायम करेगा।

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