बुधवार, 4 नवंबर 2026

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गाजियाबाद में पकड़े गए पुणे के दो कथित चोर, करीब 10 लाख का माल बरामद

गाजियाबाद में पकड़े गए पुणे के दो कथित चोर, करीब 10 लाख का माल बरामद तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

विश्रामबाग पुलिस ने चार राज्यों में सात दिन तक सुराग खंगालकर दो कथित चोरों को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया।

पुणे की विश्रामबाग पुलिस ने घर में हुई चोरी के मामले में दो कथित चोरों को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी चोरी के बाद पुणे से सैकड़ों किलोमीटर दूर भाग गए थे। पुलिस ने चार राज्यों में सुराग का पीछा किया और करीब 10 लाख रुपये का माल बरामद किया।

गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों के नाम हबीब हाफिज सैफी और अकबर उर्फ फिरोज सुल्तान सैफी बताए गए हैं। इन पर इस साल विश्रामबाग पुलिस स्टेशन में दर्ज घर की चोरी में शामिल होने का आरोप है।

पुलिस के अनुसार अज्ञात लोगों ने एक घर को निशाना बनाया, जब वहां कोई मौजूद नहीं था। उन्होंने मुख्य दरवाजा तोड़ा और गहने लेकर फरार हो गए। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305(a), 331(3) और 3(5) के तहत केस दर्ज हुआ था।

सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर नवनाथ जगताप ने इस केस को यूं ही अनसुलझा नहीं रहने दिया। उन्होंने जांच की रणनीति तय की और अपनी टीम को जल्द से जल्द आरोपियों का पता लगाने को कहा।

पहली कामयाबी CCTV फुटेज से मिली। पुलिसकर्मी अर्जुन थोरात ने घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज खंगाली और संदिग्ध चोरों की तस्वीरें निकालीं। इसके बाद जांच करने वालों ने तकनीकी विश्लेषण और खुफिया जानकारी जुटाने का काम तेज किया, ताकि संदिग्धों का ठिकाना पता चल सके।

जांच में निर्णायक मोड़ तब आया, जब पुलिस कॉन्स्टेबल नितिन मुंढे और अनीस शेख को गोपनीय सूचना मिली कि संदिग्ध उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में छिपे हैं।

माना जा रहा था कि संदिग्ध महाराष्ट्र से काफी दूर हैं, इसलिए पुलिस ने दूसरे राज्यों में कार्रवाई शुरू की। असिस्टेंट पुलिस इंस्पेक्टर उमेश कारके की अगुवाई में एक खास टीम बनी। उसमें नितिन मुंढे, शिवदत्त गायकवाड, अनीस शेख और अर्जुन थोरात शामिल थे। टीम ने दिल्ली, हरियाणा, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश का दौरा किया।

23 अक्टूबर से 29 अक्टूबर तक टीम अलग-अलग जगहों पर सुराग के पीछे गई, स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाया और तकनीकी जानकारी की मदद से संदिग्धों के करीब पहुंची। आखिर में कार्रवाई गाजियाबाद में पूरी हुई, जहां दोनों आरोपी पकड़े गए।

पुलिस ने इसके बाद करीब 10 लाख रुपये का माल बरामद किया, जिसका संबंध कथित तौर पर इस चोरी से है।

यह कार्रवाई पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार, जॉइंट कमिश्नर संजय दराडे, एडिशनल कमिश्नर राजेश बनसोडे, डिप्टी कमिश्नर कृषिकेश रावले और असिस्टेंट कमिश्नर अनुजा देशमाने के मार्गदर्शन में हुई। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर नवनाथ जगताप और पुलिस इंस्पेक्टर (क्राइम) रमेश लाहिगुडे ने पूरी कार्रवाई की निगरानी की।

विश्रामबाग पुलिस के लिए सात दिन की यह भागदौड़ दो गिरफ्तारियों और करीब 10 लाख रुपये के माल की बरामदगी के साथ खत्म हुई। इस मामले में CCTV निगरानी, तकनीकी जांच और जमीनी स्तर की खुफिया जानकारी, तीनों काम आईं।

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