वर्सोवा-मढ पुल के लिए 1,237 मैंग्रोव पेड़ काटने की बॉम्बे हाईकोर्ट से इजाज़त
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मुंबई उच्च न्यायालय की मंजूरी के बाद BMC ने जगह का मुआयना और ज़मीन की स्थिति का आकलन शुरू किया है। 2,395 करोड़ रुपये का यह प्रोजेक्ट 31 मार्च 2029 तक पूरा करने की योजना है।
मुंबई में वर्सोवा और मढ के बीच प्रस्तावित पुल का इंतज़ार लंबे समय से हो रहा है। अब इस काम के रफ़्तार पकड़ने की उम्मीद है। इस पुल के लिए 1,237 मैंग्रोव पेड़ काटने की मंजूरी मुंबई उच्च न्यायालय ने दे दी है।
कोर्ट की मंजूरी मिलते ही मुंबई महापालिका (BMC) ने मौके पर जाकर जगह देखने और ज़मीन की स्थिति का आकलन करने का काम शुरू कर दिया है। करीब 2 हजार 395 करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का निर्माण जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
फिलहाल वर्सोवा से मढ जाने वाले वाहन चालकों को बड़ा चक्कर काटना पड़ता है। लोखंडवाला, ओशिवरा, लिंक रोड और मार्वे रोड से होकर करीब 18 से 20 किलोमीटर ज़्यादा सफ़र करना पड़ता है। भीड़ के वक्त इसमें 90 मिनट तक लग जाते हैं। पुल खुलने के बाद यह दूरी घट जाएगी और वर्सोवा से मढ का सफ़र सिर्फ़ 5 से 10 मिनट में हो सकेगा।
यह पुल 2.06 किलोमीटर लंबा होगा और मढ जेट्टी रोड को अंधेरी के फिशरीज यूनिवर्सिटी रोड से जोड़ेगा। इसका करीब 600 मीटर हिस्सा केबल-स्टेड तरीके का होगा।
मुख्य स्पैन 300 मीटर का रहेगा और दोनों तरफ 150-150 मीटर के बैक स्पैन होंगे। खाड़ी के पर्यावरण को कम से कम नुकसान पहुंचे और बड़ी तादाद में पिलर खड़े करने की ज़रूरत घटे, इसीलिए यह खास डिज़ाइन अपनाया जा रहा है।
इस पुल से मढ, मार्वे, आईएनएस हमला, हवाई दल की स्थापनाओं के साथ मालाड और कांदिवली इलाके के लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
इसके अलावा पुल को मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट से जोड़ने का भी प्रस्ताव है। आगे चलकर दहिसर-भाईंदर कोस्टल रोड से कनेक्शन बना तो पश्चिमी उपनगरों के ट्रैफिक को भी इसका फायदा हो सकता है।
वर्सोवा-मढ पुल की कल्पना 1967 की मुंबई विकास योजना में रखी गई थी। लेकिन कई दशकों तक यह प्रोजेक्ट कागज़ पर ही रहा। 2020 में प्रोजेक्ट का नक्शा फाइनल हुआ। फिर मार्च 2023 में टेंडर प्रक्रिया चलाई गई। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से भी प्रोजेक्ट को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है।
प्रोजेक्ट को 31 मार्च 2029 तक पूरा करने की योजना है। इसलिए वर्सोवा-मढ इलाके के लोग देख रहे हैं कि असल निर्माण कब शुरू होता है और काम तय वक्त में पूरा होता है या नहीं। बरसों से अटका यह पुल बन गया तो पश्चिमी उपनगरों में ट्रैफिक जाम घटेगा और सफ़र का समय बचेगा।
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