संजय राऊत का दावा: लॉरेन्स बिश्नोई के नाम पर हो सकती है राजनीतिक नेताओं की हत्या
ठाकरे गुट के नेता संजय राऊत ने अमित शाह पर बिश्नोई के नाम की आड़ में अपराध करवाने का आरोप लगाया और कहा कि विरोधियों पर हमले हो सकते हैं।
ठाकरे गुट के नेता और सांसद संजय राऊत ने लॉरेन्स बिश्नोई के बहाने अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मीडिया से बात करते हुए राऊत ने कहा कि बिश्नोई के नाम पर राजनीतिक नेताओं की हत्याएं हो सकती हैं। उनके मुताबिक यह उनकी कोई भविष्यवाणी नहीं है, वे सच बोल रहे हैं। राऊत के इस दावे से सियासी हलकों में हलचल मच गई है।
राऊत का सवाल था कि लॉरेन्स बिश्नोई साबरमती जेल में बंद है और देश के कई राज्यों की पुलिस को उसकी तलाश है, फिर उसे दूसरे राज्यों को क्यों नहीं सौंपा जाता। उन्होंने कहा कि राजस्थान, मध्यप्रदेश, दिल्ली, पंजाब और चंडीगढ़ की पुलिस को वह कई हत्या के मामलों में चाहिए। आम तौर पर जब कोई आरोपी चाहिए होता है, तो पुलिस ट्रांजिट कस्टडी के लिए कोशिश करती है।
राऊत ने गिनाया कि पंजाब में गायक सिद्धू मुसेवाला की हत्या हुई, इस मामले में पंजाब पुलिस को बिश्नोई चाहिए। बाबा सिद्दीकी के मामले में मुंबई पुलिस ने उसकी मांग की थी। सलमान वाले मामले में भी मांग हुई और अब टाइगर श्रॉफ के मामले में भी मांग होगी। इसके बावजूद गुजरात की साबरमती जेल में बंद बिश्नोई का तबादला दूसरे राज्यों में नहीं होता।
उन्होंने कहा कि विदेश से अपराधी लाए जाते हैं, म्यांमार से भी हमने अपराधी लाए हैं। फिर साबरमती जेल के अपराधी को पुलिस के हवाले क्यों नहीं किया जाता? राऊत के मुताबिक इसका मतलब है कि बिश्नोई सिर्फ एक नाम है और असली चेहरा अमित शाह का है। उनका आरोप है कि शाह उसके नाम की आड़ में अपनी पसंद के अपराध करवा रहे हैं। राऊत ने यह भी कहा कि अमित शाह ही लॉरेन्स बिश्नोई हैं, यह बोलने की हिम्मत किसी ने नहीं की। उनका आरोप है कि शाह ने देश के माफिया गिरोहों को भाजपा की छत्रछाया में लाने का काम किया और भ्रष्टाचारियों को प्रतिष्ठा दी।
राऊत ने बॉलीवुड का भी जिक्र किया। उनका कहना था कि आज बॉलीवुड में दहशत फैलाई जा रही है और अमित शाह तथा गुजरात के लोग शुरू से बॉलीवुड पर कब्जा करने की कोशिश में हैं। उन्होंने कहा कि आगे जैसे-जैसे राजनीति तेजी से बढ़ेगी और रिजीम चेंज का मुद्दा जोर पकड़ेगा, तब इसी बिश्नोई के नाम पर विरोधियों की हत्याएं होंगी और उन पर हमले हो सकते हैं। राऊत ने कहा कि भाजपा का लॉरेन्स बिश्नोई किसी भी हद तक जा सकता है, उन्हें फ्रस्टेशन आ गया है और वे फ्रस्टेशन में चले गए हैं।
विरोधियों ने ठाकरे गुट पर हमला करते हुए कहा था कि पार्टी में रिजीम चेंज हो गया और ठाकरे को पता भी नहीं चला। इस पर भी राऊत ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का रिजीम चेंज दिल्ली के लॉरेन्स बिश्नोई ने किया है, जिसका जिक्र उन्होंने कल किया था। उनके मुताबिक ये सब लॉरेन्स बिश्नोई के साथी हैं। कल जो लोग शिवसेना का बोर्ड लगाकर भाषण दे रहे थे, वे सब छोटे लॉरेन्स बिश्नोई हैं, जबकि बड़े लॉरेन्स बिश्नोई गुजरात के हैं और दिल्ली में बैठे हैं। राऊत ने कहा कि यह सत्ता परिवर्तन बिश्नोई की धमकियों, ताकत और बंदूक की गोलियों के जोर पर हुआ, वोटों के जोर पर नहीं।
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