संजय राऊत ने पोस्ट की हरदीप पुरी और एपस्टिन की तस्वीर, कांग्रेस ने मांगा इस्तीफा
ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी की एक तस्वीर पोस्ट की है। इसमें पुरी जेफ्री एपस्टिन के साथ मीटिंग करते दिख रहे हैं। इसके बाद एपस्टिन का मामला एक बार फिर केंद्र सरकार के लिए सिरदर्द बन गया है।
राऊत का दावा है कि पुरी के एपस्टिन से संबंध थे और यह अब साफ हो गया है। उनका यह भी दावा है कि रिजिम चेंज में एपस्टिन फाइल का बड़ा हाथ रहेगा। इस दावे से सियासी हलकों में खलबली मच गई है।
राऊत ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि पुरी ने पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस लेकर बताया था कि वे एपस्टिन से कभी मिले ही नहीं। वे कहते रहे कि उनका एपस्टिन से कोई संबंध नहीं है। लेकिन कल दशहरे के दिन पुरी और एपस्टिन की निजी तस्वीरें सामने आ गईं।
राऊत के मुताबिक कुछ विकेट गिरने वाले हैं और उसमें एपस्टिन प्रकरण का बड़ा रोल होगा। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने हरदीप पुरी को झूठा साबित कर दिया है। अमेरिका के पास एपस्टिन प्रकरण की गुप्त तस्वीरें हैं और उसे पता है कि उन्हें कब निकालना है।
राऊत ने यह भी कहा कि अमेरिका के विदेश मंत्री मुंबई में थे और उसी दौरान एपस्टिन की एक फाइल खुल गई। अमेरिकी विदेश मंत्री दिल्ली नहीं गए और मोदी से भी नहीं मिले। पहले कई नेता अहमदाबाद जाते थे, पर अब ये वीआईपी मुंबई आ रहे हैं। राऊत ने कहा कि यह अच्छी बात है।
राऊत ने X पर हिंदी में एक पोस्ट भी लिखी। उसमें उन्होंने पूछा कि मोदीजी, एक मंत्री हरदीप पुरी जेफ्री एपस्टीन से अकेले में मिल रहे हैं, तो वे किसका संदेश लेकर मिले। उन्होंने लिखा कि यह शुरुआत है, आगे देखिए क्या होने जा रहा है, और @RSSorg रेजीम चेंज होगा। पोस्ट का अंत उन्होंने जय हिंद से किया।
राऊत ने कहा कि सिर्फ एपस्टिन फाइल से सत्ता नहीं बदलेगी। कई प्रसंग हैं, कई घटनाएं होंगी और कई फाइलें खुलेंगी। जनता का गुस्सा और तेज दिखेगा। उनके मुताबिक जमीन के नीचे हलचल दिख रही है। उनका हमला यह था कि इस वक्त मोदी और अमित शाह लाचारी में बैठे हैं, हाथ-पैर मार रहे हैं और वे राज्य नहीं चला सकते।
पुरी की कथित तस्वीर आने के बाद कांग्रेस ने उनके इस्तीफे की मांग की है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने भी भाजपा को घेरा है। ढांडा का आरोप है कि पुरी किसी डेलिगेशन के साथ एपस्टिन से नहीं मिले थे, बल्कि अकेले मिले थे। उनके मुताबिक वे भाजपा के वरिष्ठ नेता के तौर पर एपस्टिन से मिले थे।
इस बीच पुरी ने कहा है कि उन्होंने कुछ गलत नहीं किया। उनके मुताबिक एपस्टिन के साथ कारोबारी निवेश को लेकर बातचीत हुई थी। उस वक्त लिंक्डइन के सह-संस्थापक रीड हॉफमैन से उनका मुख्य संपर्क था। पुरी ने कहा कि एपस्टिन की बाकी बातों की उन्हें तब जानकारी नहीं थी।
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