राज्य में PNG कनेक्शन तेज़ करने को गैस कंपनियों की छूट 31 मार्च 2027 तक जारी
महाराष्ट्र सरकार ने घरेलू पाइप्ड गैस कनेक्शन में तेज़ी लाने के लिए गैस कंपनियों को दी गई छूट की मियाद 30 जून 2026 से बढ़ाकर 31 मार्च 2027 कर दी है।
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महाराष्ट्र में घरों तक पाइप से गैस (PNG) पहुंचाने का काम जल्दी निपटाने के लिए राज्य सरकार ने गैस कंपनियों को मिली कई छूट की मियाद बढ़ा दी है। ये छूट अब 31 मार्च 2027 तक लागू रहेंगी। पहले इनकी आखिरी तारीख 30 जून 2026 थी।
इन छूट में 24 घंटे के अंदर लाइसेंस देना, कुछ फीस माफ करना और कंपनियों को 24 घंटे काम करने की इजाज़त देना शामिल है। यह फैसला अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट ने जारी किया है।
राज्य में कुकिंग गैस आसानी से लोगों तक पहुंचे, इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्र सरकार के निर्देशों के मुताबिक सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (CGD) नेटवर्क को तेज़ी से बढ़ाया जा रहा है। इसी के तहत राज्य सरकार ने ईज़ ऑफ़ डूइंग के हिसाब से लाइसेंस जारी करना आसान किया है और कुछ लाइसेंस की फीस माफ करने जैसी ज़रूरी छूट का ऐलान किया है।
इस कदम की एक वजह LPG की उपलब्धता भी है। एनर्जी सप्लाई चेन पर असर डालने वाली ग्लोबल जियोपॉलिटिकल स्थिति की वजह से LPG की उपलब्धता पर सीमाएं हैं। इसी संदर्भ में अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट ने सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं को पाइपलाइन नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन का विस्तार तेज़ करने के निर्देश दिए हैं।
सरकार के फैसले के मुताबिक नगर निगम, नगर परिषद, पब्लिक वर्क्स डिपार्टमेंट, वाटर रिसोर्स डिपार्टमेंट और दूसरी अथॉरिटीज़ के पास पाइपलाइन के जो परमिट पेंडिंग हैं, उन्हें मंज़ूर माना जाएगा। आगे जो नए परमिट आएंगे, उन्हें सिर्फ़ 24 घंटे के अंदर मंज़ूर करने को कहा गया है।
गैस पाइपलाइन सप्लाई के लिए सड़कें खोदी जाती हैं। इन सड़कों की मरम्मत और अलग-अलग परमिट के लिए राज्य सरकार और लोकल सेल्फ-गवर्नमेंट बॉडीज़ जो फीस लेती हैं, सरकार ने वह भी माफ करने का फैसला किया है। जहां फ्यूल सप्लाई कंपनियां अपने खर्च पर पब्लिक प्रॉपर्टी ठीक कर सकती हैं, वहां इसकी परमिशन दी जाएगी और ज़रूरी गारंटी ली जाएगी। जहां कंपनियों के लिए अपने खर्च पर ऐसा करना मुमकिन नहीं है, वहां केंद्र सरकार के नोटिफिकेशन के मुताबिक तय फीस देने के निर्देश दिए गए हैं।
गैस सप्लाई कंपनियों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें 24 घंटे काम करने की इजाज़त मिली है। राज्य भर के अलग-अलग डिपार्टमेंट के बीच तालमेल बढ़ाने के लिए कंट्रोलर, राशन डिस्ट्रीब्यूशन और डायरेक्टर, सिविल सप्लाई को महाराष्ट्र का नोडल ऑफिसर बनाया गया है।
सरकार का कहना है कि इस फैसले से राज्य के लोगों को घरेलू नेचुरल गैस की सुविधा तेज़ी से मिलेगी और एनर्जी सेक्टर में इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार को भी बढ़ावा मिलेगा।
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